फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court strict murdured in hostel, automatic cognition

हॉस्टल में हत्या पर हाईकोर्ट सख्त, स्वत: लिया संज्ञान

Wed, 17 Apr 2019 12:45 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 17 Apr 2019 12:45 AM IST
विज्ञापन
High Court strict murdured in hostel, automatic cognition
- फोटो : amar ujala

हाईकोर्ट ने  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीसीबी हॉस्टल में पूर्व छात्र रोहित शुक्ला की हत्या की घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि पूरे शहर और इसके आसपास के इलाकों की कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कानून का पालन करवाने वाले अधिकारियों पर जनता को भरोसा नहीं रहा है। छात्रावासों में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने इस पर आपराधिक जनहित याचिका कायम कर ली है। कोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव, कमिश्नर, डीएम, एसएसपी को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई पर तलब किया है। इन सभी से घटना के बाबत उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।

विज्ञापन



अदालत में एक दूसरे मामले की सुनवाई के लिए हाजिर हुए एसएसपी प्रयागराज अतुल शर्मा को भी खरी-खरी सुनाई और कानून-व्यवस्था पर आड़े हाथों लिया। मुख्य न्यायमूर्ति और न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की पीठ ने अखबारों में छपी खबरों का संज्ञान लेते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि विश्वविद्यालय परिसर में अराजकता का माहौल है। इसके छात्रावास अपराधियों की पनाहगाह बन गए हैं और पूरा परिसर उनकी आपराधिक गतिविधियों का मैदान बन चुका है। कभी देश का सबसे प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान रहे इस विश्वविद्यालय का प्रशासन सबकुछ मूकदर्शक बनकर देख रहा है।
विज्ञापन



छात्रावास बने अपराधियों के अड्डे
कोर्ट ने कहा कि उनको बताया गया कि विश्वविद्यालय के छात्रावासों में बड़ी संख्या में अपराधी रह रहे हैं। हालांकि, वे विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हैं मगर इनकी वजह से मासूम छात्र-छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। इन अराजकतत्वों ने परिसर में पठन-पाठन का वातावरण चौपट कर दिया है। विश्वविद्यालय में हो रही यह घटनाएं हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

अमर उजाला की खबर का लिया संज्ञान
प्रयागराज। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल वह इस बात पर संज्ञान ले रहे हैं कि इस सब में अधिकारियों की कितनी जिम्मेदारी है।  अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट से पता चलता है कि शहर और इसके आसपास आपराधिक घटनाएं बहुत बढ़ गईं हैं। नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। क्योंकि उनको अधिकारियों से कोई सुरक्षा नहीं मिल रही है। इससे लिए आवश्यक है कि शहर और आसपास के इलाके में कानून-व्यवस्था की अदालत मॉनिटरिंग करे। 


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed