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हाईकोर्ट : हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट से जारी सम्मन आदेश पर लगाई रोक, जांच एजेंसी से सप्ताह में मांगा जवाब
Fri, 10 May 2024 05:29 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 10 May 2024 05:29 PM IST
सार
कानपुर नगर में एक जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में नरेश कृष्ण सोमानी, विजय सोमानी, जयकृष्ण सोमानी और गोपाल कृष्ण सोमानी पर सीबीआई ने धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में थाना-सीबीआई लखनऊ में केस दर्ज किया था।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट से जारी समन आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही सीबीआई से छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। जमीन खरीद-फरोख्त मामले में धोखाधड़ी सहित विभिन्न मामलों में सीबीआई की ओर से दर्ज मुकदमे व जारी समन को रद्द करने के लिए नरेश कृष्ण सोमनी व अन्य की ओर से हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। न्यायमूर्ति संजय कुमार ने यह आदेश दिया।
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कानपुर नगर में एक जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में नरेश कृष्ण सोमानी, विजय सोमानी, जयकृष्ण सोमानी और गोपाल कृष्ण सोमानी पर सीबीआई ने धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में थाना-सीबीआई लखनऊ में केस दर्ज किया था। सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में सोमानी सहित अन्य के खिलाफ समन आदेश जारी किया था। इस आदेश के खिलाफ सभी ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करते हुए समन रद्द करने की गुहार लगाई।
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आवेदकों के वकील सुशील शुक्ला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हवाला देते हुए कहा कि धोखाधड़ी के अपराध में एक पीड़ित व्यक्ति होना चाहिए। इस मामले में आवेदकों के खिलाफ कोई पीड़ित व्यक्ति नहीं है। साथ ही कहा कि 22 फरवरी 2012 को जमीन बेचने के समझौते के तहत पूरी राशि पहले ही उस व्यक्ति को वापस कर दी गई है, जिसके पक्ष में आवेदकों ने जमीन बेचने का समझौता किया था। आवेदकों के वकील ने आगे कहा कि सीबीआई ने मामले में निष्पक्ष जांच नहीं की है। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश ने जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए समय देने की मांग की।
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कोर्ट ने अगले आदेश तक समन पर रोक लगा दी है। साथ ही जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। वहीं, प्रत्युत्तर हलफनामा आवेदकों की ओर से चार सप्ताह के भीतर दाखिल किया जा सकता है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 16 जुलाई 2024 को निर्धारित की है।