High Court : नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में आपराधिक केस कार्यवाही पर कोर्ट ने लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इलाहाबाद की अदालत में चल रहे आपराधिक केस संख्या 558/2022की सुनवाई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इलाहाबाद की अदालत में चल रहे आपराधिक केस संख्या 558/2022की सुनवाई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र ने युवराज यादव की याचिका पर दिया है। याची की ओर से कहा गया कि याची के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत अपराध नहीं बनता। क्योंकि, पीडि़ता की आयु स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार 20 वर्ष है। एफ आई आर में 15 साल आयु बताकर झूठा फंसाया गया है। याची ने अधीनस्थ अदालत में अर्जी देकर पाक्सो एक्ट केस अवैध होने के कारण रद्द करने व न्यायिक रिमांड न देने की मांग की थी।
अदालत ने अर्जी खारिज कर दी और रिमांड बढ़ा दी। याची के खिलाफ सोरांव थाने में धारा 376, 506, 342 भारतीय दंड संहिता व धारा 3/4 पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज कराई गई है। याची अधिवक्ता का तर्क है कि पीडि़ता नाबालिग नहीं है। इसलिए पाक्सो एक्ट का अपराध नहीं बनता। रिमांड बढ़ाने का आदेश अवैध व बिना अधिकार क्षेत्र का है। जिसे रद कर पाक्सो एक्ट के तहत केस कार्यवाही निरस्त की जाय। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना।