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High Court : सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी पर हाईकोर्ट ने अधिकारियों से मांगा जवाब
Thu, 07 May 2026 02:48 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 May 2026 02:48 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) और लखनऊ पुलिस मुख्यालय के वित्त नियंत्रक से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जवाब तलब किया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) और लखनऊ पुलिस मुख्यालय के वित्त नियंत्रक से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि सेवानिवृत्ति के बाद अधिक वेतन भुगतान की वसूली पर रोक संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
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यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने गिरधारी लाल की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले में लखनऊ पुलिस मुख्यालय के वित्त नियंत्रक की ओर से याची के सेवानिवृत्त होने के बाद अधिक वेतन जारी किए जाने का हवाला देते हुए इसकी वसूली कर ली गई। साथ ही उसके परिलाभों का भुगतान करने से इन्कार कर दिया गया।
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24 जनवरी 2024 को दिए गए प्रत्यावेदन के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रति भी प्रस्तुत की गई थी। लेकिन, भुगतान से इन्कार करते समय उस पर विचार नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि वित्त नियंत्रक का आदेश न केवल अवैध है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन भी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सुशील कुमार सिंघल प्रकरण में 16 जनवरी 2007 के शासनादेश के तहत सेवानिवृत्ति लाभों से अधिक वेतन की वसूली पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद रोजाना ऐसे मामले अदालत में आ रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक अधिकारी शीर्ष अदालत के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।