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Allahabad High Court : हाईकोर्ट ने कहा- मामला बेटी के प्यार और परवरिश का...लिहाजा जमानत मंजूर

Thu, 26 Dec 2024 07:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 26 Dec 2024 07:28 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बेटी की परवरिश के लिए दुष्कर्म के आरोपी पिता की जमानत मंजूर कर ली। आरोपी के खिलाफ नाबालिग लड़की को अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप है। 

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High Court said- the matter is about love and upbringing of the daughter, hence bail is granted.
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी से दुष्कर्म के एक आरोपी की जमानत सिर्फ इसलिए मंजूर कर ली ताकि बेटी को पिता का प्यार मिल सके। वह उसकी परवरिश कर सके। कोर्ट ने कहा कि अपराध गंभीर प्रकृति का है, लेकिन मामला मासूम बेटी के प्यार और परवरिश से जुड़ा है। लिहाजा, जमानत मंजूर की जाती है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने दिया है।

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मामला कानपुर नगर के चौबेपुर थाना क्षेत्र का है। 25 जनवरी 2023 को 16 वर्षीय पीड़िता के पिता ने याची व उसके माता-पिता समेत पांच लोगों पर अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता की बरामदगी के बाद पुलिस ने याची को जेल भेज दिया। इसके बाद नाबालिग पीड़िता ने बेटी को जन्म दिया। पुलिस ने याची के खिलाफ अपहरण के साथ दुष्कर्म व पाक्सों की धाराएं भी जोड़ दी।

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याची की ओर से 2023 में दाखिल जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट ने विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की शर्त पर अंतरिम जमानत दी थी। लेकिन कई तारीखों बाद भी प्रमाण पत्र न पेश करने पर अर्जी खारिज कर दी गईं। इसके बाद 2024 में दूसरी जमानत अर्जी दाखिल कर आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि पीड़िता ने स्वंय स्वीकार किया है कि उसने याची संग निकाह किया है। इससे उसे एक बेटी भी जन्मी है। लिहाजा, बेटी की परवरिश के लिए पिता का साथ होना जरूरी है। करीब एक साल दस माह से पिता के जेल में रहने के कारण बेटी पिता के प्यार से भी वंचित है।

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वहीं, अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। कहा कि अपराध तब किया गया था जब पीड़िता नाबालिग थी। उसकी सहमति विधिक रूप से शून्य है। हालांकि, कोर्ट ने मासूम बेटी की परवरिश और प्यार की दलील में दम पाते हुए आरोपी की जमानत मंजूर कर ली।

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