{"_id":"698d86dc58b72922590933de","slug":"high-court-said-that-following-the-law-is-the-ultimate-duty-of-every-person-and-separate-orders-cannot-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP : हाईकोर्ट ने कहा-कानून का पालन हर व्यक्ति का परम कर्त्तव्य है, अलग से नहीं दे सकते अवैध काम न करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP : हाईकोर्ट ने कहा-कानून का पालन हर व्यक्ति का परम कर्त्तव्य है, अलग से नहीं दे सकते अवैध काम न करने का आदेश
Thu, 12 Feb 2026 01:23 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 12 Feb 2026 01:23 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी को अवैध काम न करने का परमादेश अदालत नहीं दे सकती। कानून का पालन करना हर व्यक्ति का परम कर्त्तव्य है।
विज्ञापन
अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी को अवैध काम न करने का परमादेश अदालत नहीं दे सकती। कानून का पालन करना हर व्यक्ति का परम कर्त्तव्य है। इसके लिए अलग से निर्देश देने की न जरूरत है और न ही कानून में कोई प्रावधान है। इस टिप्पणी के साथ मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने मथुरा नगर निगम क्षेत्र में ऑटो और टेंपो चालकों से कथित अवैध वसूली के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को सुनने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
ऑटो-टेंपो और थ्री-व्हीलर ड्राइवर एसोसिएशन समिति के अध्यक्ष जहीर खान की ओर से दाखिल जनहित याचिका में आरोप लगाया गया कि मथुरा नगर निगम के अधिशाषी अधिकारी (प्रतिवादी संख्या-4) के स्तर पर चालकों से अवैध रूप से शुल्क वसूला जा रहा है। लिहाजा, उन्हें अवैध वसूली रोके जाने का निर्देश जारी किया जाए। कोर्ट ने याचिका खारिज कर स्पष्ट किया कि इस तरह की जनहित याचिका विचारणीय नहीं है। ऐसी मांग के लिए अदालत रिट क्षेत्रधिकार का प्रयोग नहीं कर सकती। क्योंकि, कानून में ऐसी किसी स्थायी निषेधाज्ञा की परिकल्पना नहीं की गई है, जो केवल यह कहे कि प्रशासन अवैध गतिविधि न करे।
विज्ञापन