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हाईकोर्ट ने कहा : पोस्ट ऑफिस की तरह न करें काम, निष्पक्ष जांच कर नियुक्ति पर लें फैसला
Thu, 12 Jun 2025 04:32 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 12 Jun 2025 04:32 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज होने या चार्जशीट दाखिल होने मात्र से किसी व्यक्ति को अपराधी मान सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।
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अदालत
- फोटो : ANI
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज होने या चार्जशीट दाखिल होने मात्र से किसी व्यक्ति को अपराधी मान सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। चयन के बाद दर्ज मामले में अधिकारियों को पोस्ट ऑफिस की तरह कम करने के बजाय निष्पक्ष जांच कर फैसला लेना चाहिए।
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इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की अदालत ने याची विवेक यादव की नियुक्ति रद्द करने वाले डीसीपी वाराणसी के आदेश को निरस्त कर दिया। विवेक यादव का चयन सिपाही भर्ती 2015 के तहत हुआ था। इसके बाद याची के खिलाफ पारिवारिक झगड़े में मुकदमा दर्ज हुआ। इसी आधार पर डीसीपी ने याची को नियुक्ति देने से इन्कार कर दिया। याची ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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कोर्ट ने पुलिस याचिका स्वीकार कर पुलिस भर्ती बोर्ड को याची की नियुक्ति पर आठ हफ्ते में पुनर्विचार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया ने पद खत्म होने के आधार पर भी नौकरी देने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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