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UP : हाईकोर्ट का आदेश, ग्रेच्युटी और पेंशन से की गई कटौती ब्याज सहित वापस करे पुलिस विभाग
Fri, 12 Apr 2024 02:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 12 Apr 2024 02:11 PM IST
सार
याचियों की सेवानिवृत्ति के बाद भारी धनराशि उनकी ग्रेच्युटी एवं पेंशन से यह कहते हुए कटौती की गई कि सेवाकाल में अधिक वेतन भुगतान किया गया है। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। तर्क था कि याचीगण को सेवा के दौरान जो वेतन दिया गया है वह शासनादेश के अनुसार सही है।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक)
- फोटो : istock
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस से रिटायर इंस्पेक्टर जयप्रकाश राम और दरोगा अनार सिंह के सेवानिवृत्ति लाभों से बिना विभागीय जांच के की गई वसूली को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने विभाग को निर्देश दिया कि दोनों याचियों के 5,81,444 रुपये ब्याज सहित तीन माह में वापस करे। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम को सुनकर दिया है।
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याचियों ने कहा कि बिना विभागीय कार्रवाई के उनकी ग्रेच्युटी और पेंशन की राशि से कटौती की गई है। यह संविधान के अनुच्छेद 300 (ए) का उल्लंघन है। इसलिए कटौती का आदेश अवैध है। आगे कहा कि स्टेट ऑफ पंजाब बनाम रफीक मसीह और थॉमस डेनियल बनाम केरल राज्य में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले में यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद सेवाकाल में भुगतान की गई अधिक धनराशि की वसूली या कटौती नहीं की जा सकती यदि भुगतान कर्मचारी ने धोखे से या घपला करके न लिया हो।
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याचियों की सेवानिवृत्ति के बाद भारी धनराशि उनकी ग्रेच्युटी एवं पेंशन से यह कहते हुए कटौती की गई कि सेवाकाल में अधिक वेतन भुगतान किया गया है। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। तर्क था कि याचीगण को सेवा के दौरान जो वेतन दिया गया है वह शासनादेश के अनुसार सही है। यदि अधिक भुगतान किया गया है तो इसमें उनकी गलती नहीं थी। विभाग अपनी गलती के लिए उन्हें दंडित नहीं कर सकता।
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