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हाईकोर्ट का आदेश : दिल्ली के पुलिसकर्मी की पत्नी अंतरजनपदीय स्थानांतरण की हकदार

Mon, 04 Mar 2024 01:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 04 Mar 2024 01:57 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने अपीलार्थी अर्चना तालियान, अंजू, गीता एवं ज्योति धामा व अन्य की ओर से दाखिल विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए दिया है। अपीलार्थी महिला अध्यापिकाओं के पति दिल्ली पुलिस सेवा में कार्यरत है।

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High Court's order Delhi policeman's wife entitled to inter-district transfer
अदालत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस सेवा को राज्याधीन सेवा मानते हुए पुलिसकर्मी की अध्यापिका पत्नी के अंतरजनपदीय स्थानांतरण पर रोक लगाने वाले एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी है।

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कोर्ट ने मेरिट और केंद्रीय सेवा में पति को मिलने वाले भारांक का लाभ देते हुए अध्यापिका को स्थानांतरित जिले में तैनाती के साथ वेतन भुगतान का आदेश दिया हैं। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब भी तलब किया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने अपीलार्थी अर्चना तालियान, अंजू, गीता एवं ज्योति धामा व अन्य की ओर से दाखिल विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए दिया है। अपीलार्थी महिला अध्यापिकाओं के पति दिल्ली पुलिस सेवा में कार्यरत है।
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बेसिक शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति के तहत अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए मेरिट के साथ ही केंद्रीय सेवा में पति या पत्नी की सेवा का भरांक भी जोड़ा जाता है। इसका लाभ प्रदान करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने अमेठी में तैनात अर्चना तालियान का बुलंदशहर स्थानांतरण किया था, लेकिन वह कार्यभार संभालतीं, इससे पहले ही उनके स्थानांतरण को विभाग ने यह कहते हुए रोक दिया कि दिल्ली में तैनात पुलिसकर्मी राज्याधीन सेवा में माना जाएगा, इसलिए याची को पति की केंद्रीय सेवा के भारंक नहीं दिए जा सकते।

याची ने बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश को हाईकोर्ट की एकल पीठ में चुनौती दी थी, जिसकी सुनवाई के बाद एकल पीठ ने विभाग की दलीलों को सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी थी। फिर एकल पीठ के आदेश के खिलाफ याचियों में खंडपीठ में विशेष अपील दाखिल की।

अपीलार्थियों के अधिवक्ता रजत एरेन और ऋषि श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट की सांविधानिक पीठ की ओर से गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी, दिल्ली मामले में निर्धारित विधि व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस सेवा केंद्रीय सेवा है नकि राज्याधीन, इसलिए अपीलार्थी अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए बनाई गई मेरिट में भारांक पाने की हकदार है। खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए अपीलार्थियों को उनके स्थानांतरित जिले में सवेतन तैनाती देने का आदेश देते हुए सरकार से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

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