फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Report of action taken against accused police personnel for not conducting proper investigation

High Court : ठीक से जांच न करने पर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट तलब

Thu, 19 Mar 2026 01:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Mar 2026 01:40 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनसेवा केंद्र से जुड़े महिलाओं के खातों से 19 लाख रुपये की ठगी के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।

विज्ञापन
High Court: Report of action taken against accused police personnel for not conducting proper investigation
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनसेवा केंद्र से जुड़े महिलाओं के खातों से 19 लाख रुपये की ठगी के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने अरविंद कुमार पवन की ओर से दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। चंदौली के एक जनसेवा केंद्र संचालक पर आरोप है कि उसने 18 महिलाओं के खातों से 19,16,100 रुपये निकाल लिए। हालांकि, जांच में अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह रकम सीधे आरोपी के खाते में गई या नहीं।

विज्ञापन


चार फरवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच अधिकारी से जानकारी मांगी थी कि कितनी राशि आरोपी के खाते में ट्रांसफर हुई। क्या बैंक मैनेजर का बयान दर्ज किया गया। लेकिन, संतोषजनक जवाब न मिलने पर कोर्ट ने चंदौली के पुलिस अधीक्षक को तलब किया था। साथ ही बचाव पक्ष के अधिवक्ता को निर्देश दिया था कि वे यह जानकारी प्राप्त करें कि आरोपी पीड़ित महिलाओं की राशि लौटाने के लिए तैयार है। 24 फरवरी को एसपी ने हलफनामा दाखिल कर माना कि जांच में लापरवाही हुई है। आगे की जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
विज्ञापन


16 मार्च की सुनवाई में अपर शासकीय अधिवक्ता ने पुलिस अधिक्षक कार्यालय से प्राप्त निर्देशों को कोर्ट के समक्ष रखा। उसमें कहा गया कि प्रारंभिक जांच में दो पुलिसकर्मी लापरवाह पाए गए हैं, जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी का पिता बीमारी है। इसके कारण आरोपी से इस संबंध में जानकारी प्राप्त नहीं कर सके कि क्या वह पीड़ितों की रकम लौटाने को तैयार है। बीमारी का हवाला देकर यह बताने के लिए और समय मांगा। कोर्ट ने मामले को छह अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed