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हाथरस कांड की न्यायिक जांच का आदेश देने से हाईकोर्ट का इंकार
Fri, 04 Dec 2020 10:03 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 04 Dec 2020 10:03 PM IST
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मुकदमा
- फोटो : demo pic
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चर्चित हाथरस कांड में न्यायिक जांच कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए याचिका निस्तारित कर दी है। याचिका बबिता उपाध्याय की तरफ से दाखिल की गई थी। इस पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने दिया है ।
याचिका में पीड़ित परिवार से जनता और मीडिया को मुलाकात करने की छूट देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इंकार करते हुए कहा कि लखनऊ खंडपीठ इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है। ऐसे में एक ही मामले को लेकर इस याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
याचिका में यह भी मांग की गई थी कि सरकार गैंग रेप पीड़ितों को मुआवजा देने पर एक नीति बनाए कोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए निस्तारित कर दिया कि याची चाहे तो अपनी मांग को लेकर लखनऊ बेंच में अर्जी चल रही केस में दायर कर सकता है । मालूम हो कि लखनऊ बेंच में पारित आदेश के बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी है ।
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याचिका में पीड़ित परिवार से जनता और मीडिया को मुलाकात करने की छूट देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इंकार करते हुए कहा कि लखनऊ खंडपीठ इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है। ऐसे में एक ही मामले को लेकर इस याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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याचिका में यह भी मांग की गई थी कि सरकार गैंग रेप पीड़ितों को मुआवजा देने पर एक नीति बनाए कोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए निस्तारित कर दिया कि याची चाहे तो अपनी मांग को लेकर लखनऊ बेंच में अर्जी चल रही केस में दायर कर सकता है । मालूम हो कि लखनऊ बेंच में पारित आदेश के बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी है ।
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