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High Court : बेदखली आदेश को लागू कराने के लिए जनहित याचिका का रास्ता ठीक नहीं
Fri, 13 Mar 2026 06:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 13 Mar 2026 06:11 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्व न्यायालय की ओर से पारित बेदखली के आदेश को लागू कराने के लिए जनहित याचिका कानूनी रूप से नहीं है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि राजस्व न्यायालय की ओर से पारित बेदखली के आदेश को लागू कराने के लिए जनहित याचिका कानूनी रूप से नहीं है। आदेश के अनुपालन के लिए विशिष्ट प्रावधान हैं तो सीधे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। न्यायमूर्ति चंद्र कुमार राय की एकल पीठ ने जनहित याचिका खारिज कर दी।
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बस्ती के याची रामनरेश ने हरैया तहसील के बैरागपुर गांव में चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगा राजस्व न्यायालय में वाद दायर किया था। अदालत ने बेदखली का आदेश दिया था। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी थी कि तहसीलदार की ओर से उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 122-बी (जो अब उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 है) के तहत बेदखली और हर्जाने का अंतिम आदेश पहले ही पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद जमीन खाली नहीं कराई गई।
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