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राशन वितरण घोटाले की जांच पूरी होने तक कार्रवाई न करने की याचिका खारिज
Tue, 16 Jun 2020 08:10 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 16 Jun 2020 08:10 PM IST
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Allahabad High Court
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सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में फर्जी आधार कार्ड से राशन वितरण और स्टॉक में धांधली के मामले की जांच जल्दी पूरी करने और तब तक कोई कार्रवाई न करने की मांग में दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याची ने इसी मामले को लेकर अवमानना याचिका दाखिल कर रखी है और उसमें सरकार को नोटिस भी जारी हुआ है।
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एक ही मामले को लेकर दो अलग-अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाना गलत है। कोर्ट ने राज्य सरकार से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के वितरण में घोटाले की एसटीएफ जांच की स्थिति की जानकारी मांगी है। यह आदेश जस्टिस पंकज मित्तल व जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता यूनियन, सरधना, मेरठ की जनहित याचिका पर दिया है।
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प्रदेश सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने बताया कि पूरे प्रदेश में 450 के लगभग प्राथमिकी लगभग हरेक जिले में दर्ज हैं। इन प्राथमिकियों की विवेचना अपने-अपने जिलों में विवेचनाधिकारियों द्वारा की जा रही है। जिले के एसपी इसकी मानीटरिंग करते हैं।
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कहा गया था कि याची के खिलाफ भी मेरठ में मुकदमा दर्ज है। इस कारण वह जनहित याचिका दाखिल नहीं कर सकता। बताया गया कि अधिकांश मुकदमों में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। याची ने अपने खिलाफ कार्रवाई से बचने के लिए याचिका दाखिल की है।फर्जी आधार कार्ड पर राशन वितरण व स्टॉक में धांधली की शिकायत की जांच राज्य सरकार ने एसटीएफ को सौंपी है,
जिसे आधार एथेन्टिकेशन में धांधली की जांच करनी है, ताकि घोटाले का पर्दाफाश किया जा सके। याची की जनहित याचिका पर पूर्व में कोर्ट ने एसएसपी एसटीएफ लखनऊ को पांच दिसंबर 18 को जांच छ: महीने में पूरी करने का निर्देश दिया था। कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाकर दोबारा यह जनहित याचिका दाखिल की गई थी।