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निजी कॉलेजों के लिए सेवा नियमावली बनाने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश

Thu, 20 Feb 2020 09:21 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Feb 2020 09:21 PM IST
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High court orders to make service manuals for private colleges
court - फोटो : prayagraj
विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध स्ववित्त पोषित कॉलेजों के कर्मचारियों की सेवा नियमावली बनाने में देरी पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह एक कमेटी गठित करें, जिसमें उन सभी विभागों के सदस्य हों, जिनकी नियमावली बनाने में आवश्यकता है। कमेटी की मीटिंग की रिपोर्ट नियमित रूप से कोेर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। जब तक नियमावली नहीं बना ली जाती है, हाईकोर्ट हर बुधवार को इस मामले की सुनवाई करेगा। डा. नीरज श्रीवास्तव की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति अजय भनोट सुनवाई कर रहे हैं।
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इससे पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक मार्च 2013 को प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को एक कमेटी बनाकर सेवा नियमावली बनाने का निर्देश दिया था। इस आदेश का पालन न होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि कोर्ट के आदेश के क्रम में आठ सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। अदालत का कहना था कि यह आदेश का पालन किया जाना नहीं कहा जा सकता है। प्रमुख सचिव को कमेटी की मीटिंग के मिनट्स प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा को भी कोर्ट ने समय सीमा बताने का निर्देश दिया है।
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अपर मुख्य सचिव की ओर से बताया गया कि सेवा शर्तें तय करने के कार्य में बहुत से विभागों का सहयोग चाहिए। वह सिर्फ उच्च शिक्षा विभाग के मुखिया हैं, जबकि अन्य विभागों पर उनका प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को इस मामले में कमेटी गठित कर उन सभी विभागों के सदस्यों को शामिल करने का निर्देश दिया है, जिनका गाइड लाइन बनाने में सहयोग चाहिए। कोर्ट ने कहा कि आदेश करीब सात वर्ष पुराना है। इतने लंबे समय तक अदालत के आदेश का पालन न किया जाना अनुचित है। कोर्ट ने याचिका को हर बुधवार सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।  
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