{"_id":"5fcf86528ebc3ecfa34113db","slug":"high-court-ordered-to-decide-on-manoj-tiwari-s-security","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनोज तिवारी की सुरक्षा पर निर्णय लेने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनोज तिवारी की सुरक्षा पर निर्णय लेने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश
Tue, 08 Dec 2020 07:27 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 08 Dec 2020 07:27 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अल्लापुर प्रयागराज निवासी मनोज तिवारी को पुलिस सुरक्षा दिए जाने पर नियमानुसार निर्णय लेने का आदेश दिया है। याची मनोज ने बच्चा पासी गैंग से अपनी जान का खतरा बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा दिलाए जाने की मांग की गई थी।
याचिका पर न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना था कि अल्लापुर में गत वर्ष हुए सचिन सोनकर हत्याकांड में बच्चा पासी गैंग पर हत्या करने का आरोप है। सचिन सोनकर ने याची को इस बारे में बताया था कि बच्चा पासी गैंग उसकी हत्या की प्लानिंग कर रहा है।
अधिवक्ता का कहना था कि याची पर गोलियां चलाई गई थी मगर वह बच गया था। उसने जार्जटाउन थाने में हत्या के प्रयास की प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। याची को तत्कालीन एसएसपी के मौखिक निर्देश पर अगस्त 2019 में एक सुरक्षा गनर दिया गया था। जिसे मार्च 2020 में वापस ले लिया गया। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि याची के प्रत्यावेदन पर जिला स्तरीय सुरक्षा समिति चार सप्ताह में निर्णय ले।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिका पर न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना था कि अल्लापुर में गत वर्ष हुए सचिन सोनकर हत्याकांड में बच्चा पासी गैंग पर हत्या करने का आरोप है। सचिन सोनकर ने याची को इस बारे में बताया था कि बच्चा पासी गैंग उसकी हत्या की प्लानिंग कर रहा है।
विज्ञापन
अधिवक्ता का कहना था कि याची पर गोलियां चलाई गई थी मगर वह बच गया था। उसने जार्जटाउन थाने में हत्या के प्रयास की प्राथमिकी भी दर्ज करवाई है। याची को तत्कालीन एसएसपी के मौखिक निर्देश पर अगस्त 2019 में एक सुरक्षा गनर दिया गया था। जिसे मार्च 2020 में वापस ले लिया गया। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि याची के प्रत्यावेदन पर जिला स्तरीय सुरक्षा समिति चार सप्ताह में निर्णय ले।
विज्ञापन