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हाईकोर्ट : दुर्घटना दावा में 24 लाख, 80 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश
Mon, 03 Jan 2022 09:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 03 Jan 2022 09:01 PM IST
सार
मामला इलाहाबाद जिले का है। याची 2010 में दुर्घटना की चपेट में आकर विकलांग हो गया। मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण इलाहाबाद ने मुआवजे की राशि 15 लाख, 72 हजार, 848 रुपये अवार्ड की थी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुर्घटना दावा में याची को 24 लाख, 80 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश इंश्योरेंस कंपनी को दिया है। इसके साथ ही मुआवजे की रकम पर दावे केदिन से साढ़े सात फीसदी की दर से ब्याज देने को कहा है। यह फैसला न्यायमूर्ति डॉ. कौशल जयंत ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने सुनाया है।
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हाईकोर्ट बनी दुबे की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने मामले में मुआवजे की रकम तय करने केलिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दो आदेशों का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एचडीएफसी एग्रो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बनाम महेश कुमार और जितेंद्र बनाम न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मामले में दिए गए निर्णय को यहां पर लागू माना जाएगा।
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इसी फैसले के आधार पर कोर्ट ने याची को 24 लाख, 80 हजार रुपये का मुआवजा निर्धारित किया। साथ ही कहा कि इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजे की इस रकम पर दावे के दिन से साढ़े सात फीसदी की दर से ब्याज भी देना होगा। इंश्योरेंस कंपनी को यह मुआवजा 12 सप्ताह में देना होगा। कोर्ट ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के आदेश को आंशिक रूप से परिवर्तित कर दिया।
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मामला इलाहाबाद जिले का है। याची 2010 में दुर्घटना की चपेट में आकर विकलांग हो गया। मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण इलाहाबाद ने मुआवजे की राशि 15 लाख, 72 हजार, 848 रुपये अवार्ड की थी। याची ने प्राधिकरण के फैसले को चुनौती देते हुए मुआवजे की रकम बढ़ाकर देने की मांग की थी। याची के अधिवक्ता ने अपने तर्क में सुप्रीम कोर्ट ने दिए गए फैसले का हवाला दिया।