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हाईकोर्ट का आदेश : शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर कर हफ्ते भर में करें भुगतान

Fri, 05 May 2023 03:52 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 05 May 2023 03:52 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर स्थित श्री महंत रामाश्रय दास पीजी कॉलेज के शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर कर हफ्ते भर में भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया हफ्ते भर में पूरी नहीं होती है तो सुनवाई की अगली तिथि पर कॉलेज के प्राचार्य और प्रबंधक कोर्ट में हाजिर हों।

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High Court order: Pay teachers within a week by removing salary anomalies
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर स्थित श्री महंत रामाश्रय दास पीजी कॉलेज के शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर कर हफ्ते भर में भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया हफ्ते भर में पूरी नहीं होती है तो सुनवाई की अगली तिथि पर कॉलेज के प्राचार्य और प्रबंधक कोर्ट में हाजिर हों। इसके साथ ही कोर्ट ने पीजी कॉलेज संचालित करने वाली सोसाइटी के अगले चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल का निर्धारण करने के लिए वैध सदस्यों की सूची तलब की है। कोर्ट अब इस मामले पर 18 मई को सुनवाई करेगी।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने श्री महंत रामाश्रय दास पीजी कॉलेज व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट में प्रबंधक की ओर से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया गया और बताया गया कि वह सोसाइटी के तहत चयनित प्रबंधक हैं। हलफनामे में बताया कि शिक्षकों के वेतन के वितरण के लिए 75 फीसदी राशि बैंक में भेज दी गई है। 25 फीसदी राशि विसंगतियों की वजह से नहीं भेजी जा सकी है। उसे संशोधित करने के लिए प्राचार्य के पास भेजा गया है।
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इस पर कोर्ट ने कॉलेज प्राचार्य को संशोधित वेतन बिल प्रबंधक के पास भेजने का निर्देश दिया है। कहा कि प्रबंधक वेतन बिल को उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। अगर, ऐसा नहीं हो पाता है तो प्राचार्य और प्रबंधक दोनों कोर्ट के समक्ष अगली सुनवाई की तिथि पर हाजिर होंगे। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता से कॉलेज प्रबंधन सोसायटी के वैध सदस्यों की सूची को भी अगली सुनवाई की तिथि पर प्रस्तुत करने को कहा है।

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