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हाईकोर्ट की पहल पर सात साल बाद मिले दंपति
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 11 May 2017 01:49 AM IST
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इलाहाबाद
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हाईकोर्ट की पहल और बेटी की पुकार ने सात साल से बिछड़े दंपति को फिर से मिला दिया। दोनों सात वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे। उनके बीच तलाक का मुकदमा चल रहा था। परिवार न्यायालय ने पति के पक्ष में तलाक मंजूर कर लिया था, जिसे पत्नी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने प्रकरण सामने आने के बाद अपनी ओर से मध्यस्थता की पहल की। दो अधिवक्ताओं को मध्यस्थता के लिए नियुक्त किया गया।
हापुड़ की नीलम ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर परिवार न्यायालय हापुड़ पति विकास सिंह की तलाक की अर्जी मंजूर करने के निर्णय को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति शशिकांत की खंडपीठ ने अधिवक्ता निमाई दास और बीपी कछवाह को आर्ब्जवर नियुक्ति करते हुए पति-पत्नी से अलग-अलग बात चीत करने का निर्देश दिया। शुरूआत में दोनों एक साथ रहने को राजी नहीं थे। अधिवक्ताओं ने उनकी बेटी लवली चौधरी को बीच में रखते हुए पति-पत्नी से बातचीत की शुरूआत की।
मामले में भावनात्मक मोड़ तब आ गया जब बेटी से पूछा गया कि वह किसके साथ रहना चाहती है। लवली ने कहा उसे मम्मी-पापा दोनों चाहिए। बेटी की इस भावुक अपील पर पिता विकास और मां नीलम दोनों पसीज गए और एक साथ रहने को राजी हो गए। विकास ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह बेटी के स्कूल के पास कमरा किराए पर लेकर रहेगा और पत्नी तथा बेटी का भरणपोषण करेगा। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि छह जुलाई नियत की है।
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हापुड़ की नीलम ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर परिवार न्यायालय हापुड़ पति विकास सिंह की तलाक की अर्जी मंजूर करने के निर्णय को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति भारती सप्रू और न्यायमूर्ति शशिकांत की खंडपीठ ने अधिवक्ता निमाई दास और बीपी कछवाह को आर्ब्जवर नियुक्ति करते हुए पति-पत्नी से अलग-अलग बात चीत करने का निर्देश दिया। शुरूआत में दोनों एक साथ रहने को राजी नहीं थे। अधिवक्ताओं ने उनकी बेटी लवली चौधरी को बीच में रखते हुए पति-पत्नी से बातचीत की शुरूआत की।
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मामले में भावनात्मक मोड़ तब आ गया जब बेटी से पूछा गया कि वह किसके साथ रहना चाहती है। लवली ने कहा उसे मम्मी-पापा दोनों चाहिए। बेटी की इस भावुक अपील पर पिता विकास और मां नीलम दोनों पसीज गए और एक साथ रहने को राजी हो गए। विकास ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह बेटी के स्कूल के पास कमरा किराए पर लेकर रहेगा और पत्नी तथा बेटी का भरणपोषण करेगा। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि छह जुलाई नियत की है।
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