{"_id":"239b1d5fe54fc6ddd281849f2fd93084","slug":"high-court-news-hindi-news-35","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में म्यूजिक सिस्टम लगाने की इजाजत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में म्यूजिक सिस्टम लगाने की इजाजत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 10 Dec 2015 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने वाराणसी जिला प्रशासन को 12 दिसंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में दशाश्वमेध घाट पर म्यूजिक सिस्टम लगाने की अनुमति दे दी है। प्रशासन यहां पिलर लगाकर म्यूजिक सिस्टम लगाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शामिल होंगे। कोर्ट ने प्रशासन को हिदायत दी है कि म्यूजिक सिस्टम लगाते समय ध्वनि प्रदूषण आदि को लेकर तय नियमों का पालन किया जाए।
12 दिसंबर के कार्यक्रम में म्यूजिक सिस्टम लगाने की अनुमति देने के लिए वाराणसी प्रशासन की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने कोर्ट से विशेष अनुरोध किया था। इसे स्वीकार करते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की विशेषपीठ सुबह दस बजे सुनवाई के लिए बैठी। सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कौटिल्य सोसाइटी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने वाराणसी के घाटोें के मौलिक स्वरूप में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने पर रोक लगा रखी है।
म्यूजिक सिस्टम लगाने से घाटों के मौलिक ढांचे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, उल्टे इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय निवासियों को भी फायदा होगा। सीएससी रमेश उपाध्याय ने बताया कि प्रशासन की योजना दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र घाट और ललिता घाट पर म्यूजिक सिस्टम लगाने की है, मगर फिलहाल वह सिर्फ दशाश्वमेध घाट के लिए अनुमति मांग रहे हैं। यहां पर गंगा दर्शन और आरती का कार्यक्रम है जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्षों को शामिल होना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
12 दिसंबर के कार्यक्रम में म्यूजिक सिस्टम लगाने की अनुमति देने के लिए वाराणसी प्रशासन की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने कोर्ट से विशेष अनुरोध किया था। इसे स्वीकार करते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की विशेषपीठ सुबह दस बजे सुनवाई के लिए बैठी। सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कौटिल्य सोसाइटी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने वाराणसी के घाटोें के मौलिक स्वरूप में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने पर रोक लगा रखी है।
विज्ञापन
म्यूजिक सिस्टम लगाने से घाटों के मौलिक ढांचे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, उल्टे इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय निवासियों को भी फायदा होगा। सीएससी रमेश उपाध्याय ने बताया कि प्रशासन की योजना दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र घाट और ललिता घाट पर म्यूजिक सिस्टम लगाने की है, मगर फिलहाल वह सिर्फ दशाश्वमेध घाट के लिए अनुमति मांग रहे हैं। यहां पर गंगा दर्शन और आरती का कार्यक्रम है जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्षों को शामिल होना है।
विज्ञापन