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सरकार के जवाब से हाईकोर्ट असंतुष्ट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 21 Sep 2015 11:53 PM IST
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आईएएस 2015 परीक्षा में वर्ष 2011 बैच के अभ्यर्थियों को एक और मौका देने के मामले में केंद्र सरकार के जवाब से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं है। केंद्रीय लोक सेवा आयोग ने 2011 बैच के ऐसे अभ्यर्थियों को भी एक अवसर देने का निर्णय किया है, जो आयुसीमा पार कर चुके हैं। अपर सॉलीसिटर जनरल अशोक मेहता ने इस मामले में सोमवार को केंद्र सरकार का पक्ष रखा। आईएएस अभ्यर्थी अनिमेष सिंह ने याचिका दाखिल कर इस निर्णय को चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से पूछा था कि 2011 की परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों को ही अतिरिक्त अवसर क्यों दिया जा रहा है। आयु सीमा में छूट 29 और 30 वर्ष के अभ्यर्थियों को ही देने के पीछे क्या आशय है। केंद्र सरकार की ओर से दी गई सफाई से अदालत ने असंतोष जाहिर किया, कहा कि इसमें उन सवालों के जवाब नहीं हैं जो उन्होंने पूछे हैं। केंद्र सरकार को बेहतर जवाब दाखिल करने का एक और मौका दिया गया है। मामले की सुनवाई एक अक्तूबर को होगी।
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