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Allahabad High court News: काेरोना के बढ़ते संक्रमण पर हाईकोर्ट ने कहा, लॉक डाउन से कम कोई उपाय कारगर नहीं

Tue, 25 Aug 2020 10:25 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 25 Aug 2020 10:25 PM IST
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Allahabad High court news: High court said no action is less effective than lock down
Allahabad High Court - फोटो : PTI
तमाम उपायों के बावजूद कोरोना वायरस के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि हमारी राय में लॉक डाउन से कम कोई उपाय संक्रमण रोकने में कारगर साबित नहीं होगा।
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नतीजा हासिल करने के लिए हमें चयनित तरीके से सबकुछ बंद करना होगा ताकि बेवजह बाहर निकलने वाले लोगों को उनके घरों के भीतर रहने के लिए विवश किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि सरकार संक्रमण की रोकथाम को लेकर गंभीर है, पुलिस और प्रशासन के स्तर से काफी प्रयास किए जा रहे हैं, इसके बावजूद जनता इसे लेकर गंभीर नहीं है।
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कोर्ट ने मुख्य सचिव को हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि क्या सरकार के पास संक्रमण की रोकथाम के लिए कभी भी कोई केंद्रीय योजना रही है या जिलों के प्रशासनिक अधिकारी अपने अपने तरीके से आदेश पारित कर रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण के मामले में दाखिल जनहित याचिका के माध्यम से मॉनीटरिंग कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने कहा कि हमें बार-बार यही भरोसा दिलाया जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, मगर इन तमाम उपायों के बावजूद लोगों को चाय और पान की दुकानों पर एकत्र होने, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाने और बेवजह घूमने से रोकने में कामयाबी नहीं मिली। लोग मास्क पहनने और सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

 

Allahabad High court news: High court said no action is less effective than lock down
इलाहाबाद उच्च न्यायालय

पखवाड़ेभर के लॉकडाउन से भूखों नहीं मरने लगेंगे लोग

कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में जनहित में कुछ कड़े कदम उठाने होंगे। कानून लोगों के लिए बना है और यदि लोगों को उनके घरों में कैद करके संक्रमण रोका जा सकता है तो ऐसा करें। क्योंकि यह न सिर्फ लोगों की जान बचाएगा बल्कि सरकारी संसाधनों का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।

कोर्ट ने कहा कि हम नहीं समझते कि पखवाड़े भर के लॉक डाउन से अर्थव्यवस्था पर ऐसा कुछ असर पड़ेगा कि लोग भूखों मरने लगेंगे। हमें रोटी और जीवन में संतुलन बनाना होगा। ऐसे में लाक डाउन ही एकमात्र प्रभावी उपाय दिखाई देता है। 

प्रदेश सरकार का पक्ष रख रहे अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि लॉक डाउन लागू करना कानून के तहत दिए गए अनलॉक के आदेश के विपरीत होगा। सरकार के स्तर से फिर से लॉक डाउन की संभावना से इंकार किया जा चुका है।

अपर महाधिवक्ता ने प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, झांसी और बरेली में पिछले सप्ताह भर में मिले संक्रमित मरीजों और पुलिस द्वारा की गई चालान आदि की कार्रवाई का ब्योरा अदालत में पेश किया। 

 

Allahabad High court news: High court said no action is less effective than lock down
prayagraj news - फोटो : prayagraj

मुख्य सचिव से पूछे चार सवाल

हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव से चार सवाल पूछे हैं, इन सवालों का जवाब 28 अगस्त को हलफनामा दाखिल कर देने का निर्देश दिया है। 

सवाल एक- अर्थव्यवस्था फिर से खोलने के बाद क्या सरकार के पास कोई कार्ययोजना है

सवाल दो- यदि कार्ययोजना है तो क्या कभी भी इसे लागू किया गया

सवाल तीन- तमाम जिलों में समय-समय पर जो आदेश जारी किए जा रहे हैं, उनसे स्पष्ट है कि कोई केंद्रीय योजना लागू नहीं की गई है। जिलों के प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर और समझ से आदेश जारी कर रहे हैं। मुख्य सचिव बताएं कि क्या पूरे राज्य के लिए कोई योजना है और क्या इसके लिए जिम्मेदार केंद्रीय प्रशासन के अधिकारियों ने कोई एक्शन लिया है। 

सवाल चार - मुख्य सचिव बताएं, क्या योजनाएं लागू न करने वाले जिलों के अधिकारियों पर केंद्रीय प्राधिकारियों ने कोई कार्रवाई की है। 
निर्देश- मुख्य सचिव संक्रमण रोकने के लिए अभी से लेकर भविष्य के लिए पूरे रोडमैप के साथ 28 अगस्त हलफनामा दाखिल करें। 

 

Allahabad High court news: High court said no action is less effective than lock down
prayagraj news - फोटो : prayagraj

कोर्ट कमिश्नर ने मांगा समय

पिछली सुनवाई के दौरान नगर निगम के कार्यों की निगरानी के लिए हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर चंदन शर्मा ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए और समय मांग की है जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। वहीं दूसरे कोर्ट कमिश्नर रामकौशिक ने जिम्मेदारी छोड़ने की इच्छा जताई, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने अधिवक्ता शिवम द्विवेदी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने भी याचिका में पक्षकार बनने की अर्जी दी है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। 
 

नगर स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त

नगर निगम के अधिवक्ता एसडी कौटिल्य ने बताया कि डा. विमलकांत को नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर नियुक्त कर दिया गया है। यह पद अभी तक रिक्त था। कोर्ट ने उनको सैनिटाइजेशन और फॉगिंग के कार्य तय मानक के अनुसार कराने का निर्देश दिया है। एडवोकेट रिशू मिश्र ने मानक के विपरीत बिक रहे घटिया क्वालिटी के मास्क की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अर्जी दाखिल की है।
 
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