{"_id":"5ca8d57bbdec22143439d7c6","slug":"high-court-kept-retained-life-imprisonment-in-double-murder-case-of-41-years-ago","type":"story","status":"publish","title_hn":"41 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, पेड़ काटने को लेकर हुआ था विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
41 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार, पेड़ काटने को लेकर हुआ था विवाद
Sat, 06 Apr 2019 10:06 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 06 Apr 2019 10:06 PM IST
विज्ञापन
उम्रकैद (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : FILE PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेड़ काटने के विवाद में दो सगे भाइयों की हत्या करने के आरोपी तीसरे भाई और उसके साथियों को मिली उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। अभियुक्तों की सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस और न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की।
विज्ञापन
घटना तीन अप्रैल 1978 की देवरिया के नेबुआ नौरंगी थाना क्षेत्र के मदार बिंद गांव की है। अभियुक्त लाल साहब, महेंद्र प्रताप राव, मानवेंद्र प्रताप राव और दयानंद उर्फ दया बनिया के खिलाफ जय प्रकाश राव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके चाचा बलवंत राव ने शीशम के पेड़ ठेकेदार को बेच दिए थे। जब पेड़ काटे जाने लगे तो उसके पिता झीन राव और धीर राव ने विरोध किया। पंचायत में तय हुआ कि पेड़ बेचने से मिली रकम तीनों भाइयों में बराबर बांट दी जाएगी। अगले दिन जब ठेकेदार कटे हुए पेड़ उठाने आया तो रकम को लेकर फिर विवाद हुआ जिसमें बलवंत, लाल साहब, महेंद्र, मानवेंद्र और दयानंद ने मिलकर झीन राव और धीर राव की गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
घटना में धीर राव की पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई। ट्रायल कोर्ट ने बलवंत राव और लाल साहब को बाद में उन्मोचित कर दिया था मगर महेंद्र, मानवेंद्र और दयानंद को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। प्रदेश सरकार की ओर से एजीए विकास सहाय ने अपील का विरोध किया। हाईकोर्ट ने अपर जिला जज देवरिया द्वारा सुनाई गई सजा को सही करार देते हुए उसे बरकरार रखा है।
विज्ञापन