फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Investigation and action can be taken against retired employee also

High Court : सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ भी हो सकती है जांच व कार्रवाई, रिटायर्ड जेई की याचिका खारिज

Sat, 29 Nov 2025 11:46 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 29 Nov 2025 11:46 AM IST
सार

फर्रुखाबाद निवासी विपिन चंद्र तकनीकी जूनियर इंजीनियर के पद से 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन पर सेवाकाल 2015-2022 के बीच गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई। कुछ आरोपों पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया तो उन्होंने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

विज्ञापन
High Court: Investigation and action can be taken against retired employee also
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को उसके सेवा के दौरान हुईं गड़बड़ियों से मुक्त नहीं किया जा सकता। सरकारी विभागों में बढ़ते भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, सार्वजनिक जवाबदेही बनाए रखने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खिलाफ भी जांच व कार्रवाई की जा सकती है। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने सेवानिवृत्त जूनियर इंजीनियर की ओर से शो-कॉज नोटिस के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकल पीठ ने विपिन चंद्र वर्मा की याचिका पर दिया है।

विज्ञापन


फर्रुखाबाद निवासी विपिन चंद्र तकनीकी जूनियर इंजीनियर के पद से 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन पर सेवाकाल 2015-2022 के बीच गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई। कुछ आरोपों पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया तो उन्होंने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। अधिवक्ता ने दलील दी सेवानिवृत्ति के बाद याची अब नियोक्ता का कर्मचारी नहीं है। इसलिए उसके खिलाफ जांच नहीं की जा सकती। शिकायतकर्ता स्थानीय विधायक का रिश्तेदार है। इसलिए शिकायत राजनीतिक रूप से प्रेरित है, अन्य दलीलें दीं।

विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि यद्यपि कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है और औपचारिक नियोक्ता–कर्मचारी संबंध समाप्त हो गए हैं, लेकिन सिविल सर्विस रेगुलेशन में सेवानिवृत्त कर्मियों पर कार्रवाई की पूर्ण प्रक्रिया उपलब्ध है। इसलिए यह दलील स्वीकार नहीं की जा सकती कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी प्रकार की जांच या कार्यवाही नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि सरकारी कर्मचारी सिर्फ वेतन अर्जित करने के लिए कार्य नहीं करते, बल्कि उनका काम राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है। ऐसे में उनके ऊपर उच्चस्तर की जिम्मेदारी होती है।

ऐसे में सरकारी विभागों में तेजी से बढ़ रही भ्रष्ट प्रवृत्तियों, पक्षपात और सुविधा उपलब्ध कराने जैसी मनमानी को रोकने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी जांच और कार्रवाई से बाहर नहीं रखा जा सकता। यह जनता और उसके प्रतिनिधियों का अधिकार है कि वे किसी भी सरकारी कर्मचारी चाहे सेवारत हो या सेवानिवृत्त की कार्य अवधि में हुई लापरवाही या कदाचार की जानकारी सामने ला सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed