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पति के कोमा में होने पर पत्नी होगी संरक्षक, इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

Mon, 15 Jun 2020 07:50 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 15 Jun 2020 07:50 PM IST
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high court: High court appointed wife as patron of husband
Allahabad High Court

पति के कोमा में होने के कारण परेशानी में पड़ी पत्नी को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने पत्नी को पति का संरक्षक नियुक्त किया है। इससे पत्नी को पति के बैंक खातों के संचालक और संपत्तियों के प्रबंधन का अधिकार प्राप्त हो गया है। पति के इलाज के कारण खर्च से परेशान पत्नी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

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इस मामले में कोई विशेष कानून उपलब्ध नहीं है, लिहाजा हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 226 में प्राप्त अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए पत्नी के पक्ष में आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची महानिबंधक की पूर्व अनुमति के बिना पति की अचल संपत्ति नहीं बेच सकेगी। मगर उसे मकान खाली कराने या किराए पर उठाने की पूरी छूट होगी।

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कहा है कि वह पति की संपत्ति से इलाज कराने के अलावा अपनी दो बेटियों की शादी का खर्च कर सकेगी। परिवार के हित में खर्च की छूट होगी। उसे पति की तरफ से निर्णय लेने व हस्ताक्षर करने का अधिकार होगा। कोर्ट ने कहा है कि नाबालिग व अक्षम लोगों का संरक्षक नियुक्त करने का कानून है, किंतु लंबे समय तक कोमा में पड़े मरीज का संरक्षक नियुक्त करने का कोई कानून नहीं है।

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इसलिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस संबंध में कानून बनाने की संस्तुति भी की है। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने प्रयागराज की उमा मित्तल व अन्य की याचिका पर दिया है। खंडपीठ ने कहा कि परिवार का पालन करने वाला डेढ़ साल से कोमा में है।


पत्नी रिश्तेदारों व मित्रों से उधार लेकर पति का इलाज करा रही है। पति के बैंक में पैसे व संपत्ति होने के बावजूद पत्नी कानूनी अड़चन के चलते उनका उपयोग नहीं कर पा रही है। उसने बैंक खाते के संचालन व संपत्ति बेचने के अधिकार के लिए कोर्ट की शरण ली है। याची की तीनों बेटियों और बेटे ने भी मां को पिता का संरक्षक नियुक्त करने की मांग की है। 

सीएमओ की रिपोर्ट देखने के बाद दिया आदेश
हाईकोर्ट ने पति की मानसिक स्थिति को लेकर सीएमओ प्रयागराज के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम की मेडिकल रिपोर्ट देखी। जिसमें कोमा की स्थिति की पुष्टि की गई है। कोर्ट ने कहा कि जब तक याची के पति स्वयं कार्य करने लायक नहीं होते, तब तक वह संरक्षक का दायित्व पूरा करेगी और हर छ: माह पर मेडिकल की स्थिति एवं पति की संपत्ति के विनियमन की रिपोर्ट महानिबंधक को करती रहेगी।

बाथरूम में गिरकर हुए थे बेहोश
22 दिसंबर 18 को याची के पति सुनील कुमार मित्तल बाथरूम में फिसल कर गिर गए थे। सिर में चोट लगने से वह बेहोश गए और तब से बेहोशी की हालत में ही हैं। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ और दिल्ली ले जाया गया, जहां दिमाग का ऑपरेशन हुआ। फिर डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया।


क्लाइव रोड सिविल लाइंस स्थित याची के घर में ही आईसीयू जैसी व्यवस्था कर इलाज हो रहा है। डॉक्टरों ने जीवन भर इलाज चलाने को कहा है। मित्तल की इलाहाबाद शहर में करोडों की संपत्ति हैं। अपना व्यापार है, जिसके लिए अधिकार की मांग हाईकोर्ट में की गई थी।

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