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हाईकोर्ट ने वीडियो कॉल से बेटे से बात करने की दी अनुमति
Wed, 17 Jun 2020 07:47 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 17 Jun 2020 07:47 PM IST
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Allahabad High Court
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हाईकोर्ट ने अपनी मां के पास रह रहे बेटे से उसके पिता और दादा को मिलाने का एक अलग रास्ता खोजा। दोनों ने बेटे से मिलने देने की अनुमति मांगी थी, मगर कोरोना संक्रमण के मद़्देनजर अदालत ने सीधे मिलने की अनुमति तो नहीं दी पर बच्चे की मां को आदेश दिया है कि वह वीडियो कॉलिंग के जरिए सप्ताह में एक बार आधे घंटे के लिए बच्चे की बात पिता और दादा से कराए।
पिता जनीश शर्मा और दादा ओंकार शर्मा ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सुनवाई की। कोर्ट ने बच्चे सईश शर्मा की मां अनुपम शर्मा को आदेश दिया है कि वह प्रत्येक मंगलवार को शाम छह बजे आधे घंटे के लिए उसके पिता और दादा से वीडियो कॉलिंग पर बात कराएं।
कोर्ट ने अनुपम शर्मा को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए भी कहा है। मामले की सुनवाई आठ जुलाई को होगी।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया कि सईश शर्मा को उसकी मां अनुपम इंदिरागांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जबरदस्ती अपने साथ लिवा ले गई जब वह लोग कनाडा से वापस भारत लौटे।
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तब से सईश से उनको मुलाकात नहीं करने दिया जा रहा है। कहा गया कि उनको बच्चे से मिलने का अधिकार दिया जाए, क्योंकि ऐसा अधिकार सामान्य तौर पर सभी अभिभावकों को मिलता है। सईश अपनी मां के साथ नोएडा में रह रहा है, जबकि पिता हैदराबाद में और दादा गाजियाबाद में रहते हैं।
कोर्ट ने कोरोना संक्रमण के कारण पैदा हुए मौजूदा हालात को देखते हुए कहा कि मुलाकात की अनुमति देना पक्षकारों के हित में नहीं होगा। मगर वह दोनों वीडियो कॉलिंग के जरिए सईश से सप्ताह में एक बार आधे घंटे की बात कर सकते हैं। यदि सभी पक्ष सहमत हों तो यह बातचीत सप्ताह के अन्य दिनों और अधिक समय के लिए भी हो सकती है।
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पिता जनीश शर्मा और दादा ओंकार शर्मा ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सुनवाई की। कोर्ट ने बच्चे सईश शर्मा की मां अनुपम शर्मा को आदेश दिया है कि वह प्रत्येक मंगलवार को शाम छह बजे आधे घंटे के लिए उसके पिता और दादा से वीडियो कॉलिंग पर बात कराएं।
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कोर्ट ने अनुपम शर्मा को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए भी कहा है। मामले की सुनवाई आठ जुलाई को होगी।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया कि सईश शर्मा को उसकी मां अनुपम इंदिरागांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जबरदस्ती अपने साथ लिवा ले गई जब वह लोग कनाडा से वापस भारत लौटे।
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तब से सईश से उनको मुलाकात नहीं करने दिया जा रहा है। कहा गया कि उनको बच्चे से मिलने का अधिकार दिया जाए, क्योंकि ऐसा अधिकार सामान्य तौर पर सभी अभिभावकों को मिलता है। सईश अपनी मां के साथ नोएडा में रह रहा है, जबकि पिता हैदराबाद में और दादा गाजियाबाद में रहते हैं।
कोर्ट ने कोरोना संक्रमण के कारण पैदा हुए मौजूदा हालात को देखते हुए कहा कि मुलाकात की अनुमति देना पक्षकारों के हित में नहीं होगा। मगर वह दोनों वीडियो कॉलिंग के जरिए सईश से सप्ताह में एक बार आधे घंटे की बात कर सकते हैं। यदि सभी पक्ष सहमत हों तो यह बातचीत सप्ताह के अन्य दिनों और अधिक समय के लिए भी हो सकती है।