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नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट पहुंचे एलटी ग्रेड टीचर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 30 Oct 2016 07:36 PM IST
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शिक्षक
- फोटो : demo
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इंटर कॉलेजों में 6645 पदों पर एलटी ग्रेड टीचरों की नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। भर्ती प्रक्रिया में रिक्त रह गए चार हजार पदों पर नियुक्ति करने के लिए याचिका दाखिल की गई है। मांग की गई है कि शेष बचे पदों की काउंसलिंग कराकर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। एक अलग याचिका काउंसलिंग करा चुके अभ्यर्थियों ने भी दाखिल की है। उनका कहना है कि काउंसलिंग के बाद आज तक किसी को भी नियुक्तिपत्र नहीं दिया गया है।
प्रदेश के 18 मंडलों के इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अक्तूबर 2014 को विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया के तहत अप्रैल-मई 2015 और नवंबर 2015 में काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद भी चार हजार पद रिक्त रह गए। याचिकाकर्ता आजम अली और प्रिया सैनी के वकील सीमांत सिंह का कहना है कि रिक्त पदों को न तो निरस्त किया गया है और न ही विज्ञापन रद्द हुआ है। इनको वैसे ही खाली रखा गया है, इसलिए याचिका में मांग की गई है कि अगले चरण की काउंसलिंग कराकर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
इसी प्रकार से काउंसलिंग करा चुके 2645 अभ्यर्थियों ने भी याचिका दाखिल कर नियुक्तिपत्र दिए जाने की मांग की है। इन याचिकाओं पर 21 नवंबर को सुनवाई की संभावना है। बता दें कि नियुक्ति प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होने के कारण बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों ने गैर राज्यों से फर्जी प्रमाणपत्र लगा दिए थे। कई ने तो आवेदन में अलग प्रमाणपत्र दिया और काउंसलिंग के समय दूसरा। प्रमाणपत्रों की जांच कराने पर फर्जीवाड़ा सामने आने पर नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई थी।
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प्रदेश के 18 मंडलों के इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अक्तूबर 2014 को विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया के तहत अप्रैल-मई 2015 और नवंबर 2015 में काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद भी चार हजार पद रिक्त रह गए। याचिकाकर्ता आजम अली और प्रिया सैनी के वकील सीमांत सिंह का कहना है कि रिक्त पदों को न तो निरस्त किया गया है और न ही विज्ञापन रद्द हुआ है। इनको वैसे ही खाली रखा गया है, इसलिए याचिका में मांग की गई है कि अगले चरण की काउंसलिंग कराकर योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
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इसी प्रकार से काउंसलिंग करा चुके 2645 अभ्यर्थियों ने भी याचिका दाखिल कर नियुक्तिपत्र दिए जाने की मांग की है। इन याचिकाओं पर 21 नवंबर को सुनवाई की संभावना है। बता दें कि नियुक्ति प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होने के कारण बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों ने गैर राज्यों से फर्जी प्रमाणपत्र लगा दिए थे। कई ने तो आवेदन में अलग प्रमाणपत्र दिया और काउंसलिंग के समय दूसरा। प्रमाणपत्रों की जांच कराने पर फर्जीवाड़ा सामने आने पर नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई थी।
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