{"_id":"6880e32a3806977b3502e1f5","slug":"high-court-fighting-someone-else-s-case-is-a-waste-of-time-court-imposed-fine-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court : किसी दूसरे का मुकदमा लड़ना समय की बर्बादी, कोर्ट ने लगाया हर्जाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court : किसी दूसरे का मुकदमा लड़ना समय की बर्बादी, कोर्ट ने लगाया हर्जाना
Wed, 23 Jul 2025 06:57 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 23 Jul 2025 06:57 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिर्जापुर के 19 याचिकाकर्ताओं में से एक के चचेरे भाई की ओर मुकदमा लड़ने के लिए हलफनामा दाखिल करने पर नाराजगी जताई।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिर्जापुर के 19 याचिकाकर्ताओं में से एक के चचेरे भाई की ओर मुकदमा लड़ने के लिए हलफनामा दाखिल करने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने किसी और के लिए मुकदमा लड़ने को समय की बर्बादी करार देते हुए हलफनामा दाखिल करने वाले राजीव कुमार यादव पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशरी की एकल पीठ ने विनोद कुमार यादव और 18 अन्य की याचिका पर दिया।
विज्ञापन
याचिका में दावा किया गया है कि सभी 19 याची मिर्जापुर नगर महापालिका परिषद में अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं। स्थायी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। कोई भी याची हलफनामा दाखिल करने के लिए प्रयागराज नहीं आया है। एक याची के चचेर भाई राजीव कुमार यादव ने मुकदमा लड़ने के लिए हलफनामा दाखिल की थी।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि मिर्जापुर के निवासी होने के बावजूद कोई भी याची हलफनामा दाखिल करने के लिए प्रयागराज नहीं आया। राजीव कुमार यादव ने दाखिल हलफनामे में खुद को याचिकाकर्ता नंबर एक का चचेरा भाई बताया था। कोर्ट ने इसे एक ‘प्रोक्सी लिटिगेशन’ माना और कहा कि याचिकाकर्ता वास्तविक मुकदमेबाज नहीं हैं। इस तरह से अनावश्यक रूप से कोर्ट का बहुमूल्य समय बर्बाद किया गया है। याची अधिवक्ता के अनुरोध पर कोर्ट ने नई याचिकाएं दाखिल करने की स्वतंत्रता के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया।
विज्ञापन