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हाईकोर्ट : फर्जी मुकदमे दर्ज करने के मामले में डीजीपी की उपस्थिति से छूट, एसएसपी रहेंगे मौजूद
Thu, 16 Dec 2021 08:24 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 Dec 2021 08:24 PM IST
सार
मामले में डीजीपी की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया है। कहा गया है कि मामले में याची की ओर से जो तथ्य कोर्ट के सम्मुख रखे गए हैं, वह उसकी वास्तविक तस्वीर और आचरण को सामने नहीं लाते हैं।
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- फोटो : Social Media
विस्तार
मुजफ्फरनगर की खतौली पुलिस द्वारा एक व्यक्ति के खिलाफ 23 साल में 49 फर्जी मुकदमे दाखिल करने मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी को राहत देते हुए उन्हें आगे की सुनवाई पर उपस्थित रहने से छूट दे दी है। जबकि एसएसपी मुजफ्फरनगर को अगली सुनवाई की तिथि पर भी रिकॉर्ड के साथ कोर्ट में उपस्थित रहने के लिए कहा है। गौरव उर्फ गौरा की याचिका पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
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मामले में डीजीपी की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया है। कहा गया है कि मामले में याची की ओर से जो तथ्य कोर्ट के सम्मुख रखे गए हैं, वह उसकी वास्तविक तस्वीर और आचरण को सामने नहीं लाते हैं। कहा गया है कि याची जिन मुकदमों में खुद को बरी बता रहा है, उनमें वह सजायाफ्ता है। याची की याचिका में लगाए गए कागजात से भी यह पता चलता है। फर्जी फर्जी मुकदमे दाखिल करने की बात मनगढ़ंत है।
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मामले में सुनवाई के दौरान डीजीपी उपस्थिति नहीं रहे। सरकारी अधिवक्ताओं ने वाराणसी में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए उनकी उपस्थिति पर छूट मांगी थी। अधिवक्ताओं ने बताया कि डीजीपी की जगह पर एडीजी और मुजफ्फरनगर के एसएसपी उपस्थिति हैं। इसके बाद कोर्ट ने डीजीपी को अगली सुनवाई पर कोर्ट में उपस्थित रहने से छूट दे दी है।
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