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High Court : स्टडी पाथवे फर्म के खिलाफ मामलों की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी
Sun, 31 May 2026 05:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 31 May 2026 05:01 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा परामर्श फर्म ‘स्टडी पाथवे’ से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में आठ अलग-अलग मुकदमों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), लखनऊ को सौंप दी है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा परामर्श फर्म ‘स्टडी पाथवे’ से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में आठ अलग-अलग मुकदमों की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), लखनऊ को सौंप दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा, न्यायमूर्ति पद्म नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने आचार्य राजेश त्रिपाठी व अन्य याचियों की ओर से दायर याचिका पर दिया।
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याचियों ने प्रयागराज, लखनऊ और उन्नाव में दर्ज मुकदमों की जांच विशेष एजेंसी से कराने की मांग कर याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि सभी मामलों में लगभग एक ही आरोपियों के नाम शामिल हैं। शिकायतों का स्वरूप भी एक जैसा है। 2023 से 2026 के बीच प्रयागराज के जॉर्जटाउन, पूरामुफ्ती, लखनऊ के साइबर क्राइम, विभूति खंड और उन्नाव कोतवाली में आठ एफआईआर दर्ज की गई थीं।
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याची आचार्य राजेश त्रिपाठी स्वयं अदालत में उपस्थित हुए और सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए जांच स्थानांतरित करने की मांग रखी। राज्य सरकार की ओर से भी जांच हस्तांतरण पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई।
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कोर्ट ने पाया कि सभी मामलों में आरोपों का आधार समान है। इनमें बड़े पैमाने पर धन के लेनदेन और धन के प्रवाह की जांच की आवश्यकता है। अदालत ने माना कि इस तरह के जटिल वित्तीय मामलों की प्रभावी जांच विशेष एजेंसी की ओर से ही की जा सकती है। इसी के साथ कोर्ट ने आर्थिक अपराध शाखा को शीघ्र जांच पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।