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हाईकोर्ट : एफआईआर या लंबित आपराधिक केस के आधार पर नौकरी से बर्खास्तगी गैर-कानूनी
Wed, 23 Sep 2026 05:23 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 23 Sep 2026 05:23 PM IST
सार
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) इलाहाबाद पीठ ने कहा कि केवल एफआईआर या आपराधिक मामला लंबित होने या चार्जशीट दाखिल होने मात्र से किसी कर्मचारी को अयोग्य मानकर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) इलाहाबाद पीठ ने कहा कि केवल एफआईआर या आपराधिक मामला लंबित होने या चार्जशीट दाखिल होने मात्र से किसी कर्मचारी को अयोग्य मानकर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। यह टिप्पणी करते हुए कैट ने डाक विभाग की ओर से डाक सेवक की सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त करते हुए उसे तत्काल सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश कैट के सदस्य (न्यायिक) न्यायमूर्ति ओम प्रकाश षष्टम ने दिया है। बुलंदशहर निवासी अर्पित बरगोती को उत्तराखंड के डाकघर अल्मोड़ा मंडल के डांगोली एसओ में ग्रामीण डाक सेवक के पद पर 23 दिसंबर 2024 को उसे अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया था। उन्होंने 24 दिसंबर 2024 को कार्यभार ग्रहण कर लिया था। मई 2025 में प्राप्त पुलिस सत्यापन रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि आवेदक के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
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इस रिपोर्ट पर डाक विभाग ने नौ अक्तूबर 2025 को ज्ञापन जारी कर उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। कर्मचारी ने इसे कैट में चुनौती दी। कर्मचारी के अधिवक्ता ने दलील दिया कि आवेदक ने कोई तथ्य नहीं छुपाया है। किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। सुप्रीम कोर्ट के अवतार सिंह बनाम भारत संघ (2016) व पवन कुमार बनाम भारत संघ (2020) के निर्णयों के अनुसार केवल केस लंबित होने पर नियोक्ता को अपराध की प्रकृति और पद की गंभीरता पर स्वतंत्र रूप से विचार करना चाहिए।
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वहीं, डाक विभाग के अधिवक्ता ने दलील दी कि पुलिस रिपोर्ट असंतोषजनक पाए जाने पर ही सक्षम प्राधिकारी ने यह कार्रवाई की थी। कैट ने पक्षों को सुनने के बाद पाया कि याची कर्मचारी के खिलाफ किसी भी अदालत की ओर से दोषसिद्धि नहीं हुई है। इस आधार पर कैट ने सेवा समाप्ति आदेश को रद्द करते हुए आवेदक को पद पर बहाल करने का आदेश दिया।