हाईकोर्ट : सीएम के खिलाफ ईमेल भेजने के आरोपी को सशर्त जमानत, ढाई साल से जेल में बंद है आरोपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक बातें लिखकर ई-मेल भेजने के आरोपी मुबारक अली को सशर्त जमानत दे दी है।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक बातें लिखकर ई-मेल भेजने के आरोपी मुबारक अली को सशर्त जमानत दे दी है। आरोपी करीब ढाई साल से जेल में बंद था। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने दिया। आरोपी के खिलाफ 2024 में महराजगंज के भितौली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
आरोप है कि उसने सीएम के खिलाफ कथित अपमानजनक बातें लिखकर ईमेल से मैसेज भेजा था। कोर्ट ने मुकदमे की प्रगति की जानकारी मांगी थी। 23 जुलाई 2026 तक केवल चार गवाहों के बयान दर्ज हुए थे, जबकि आरोपपत्र में 26 गवाहों से पूछताछ बाकी थी। मुकदमे की धीमी गति और जेल में बिताई अवधि को देखते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
चर्च की जमीन पर यथास्थिति का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में चर्च की विवादित जमीन को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन प्रयागराज की याचिका पर दिया।
याची की ओर से अधिवक्ता एडी सॉन्डर्स ने कोर्ट को बताया कि प्लॉट संख्या 423 की 0.573 हेक्टेयर भूमि पर राज्य सरकार ने मंडलीय मुख्यालय के एकीकृत भवन के निर्माण के लिए 90 वर्ष की लीज स्वीकृत की है। याचिका में इस नई लीज को चुनौती देते हुए कहा गया है कि भूमि पहले से ही पुरानी लीज के अधीन है। ऐसे में नई लीज जारी कर निर्माण कराना उचित नहीं है। कोर्ट ने मामले में निर्देश प्राप्त करने को कहा है। अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।