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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court canceled the examination of five subjects and directed to release the results of 28 subjects.

High Court : हाईकोर्ट ने पांच विषयों की परीक्षा की रद्द, 28 विषयों के परिणाम जारी करने के निर्देश

Sat, 18 Apr 2026 02:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 18 Apr 2026 02:13 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को रद्द करने के सरकार और आयोग के फैसले को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है।

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High Court canceled the examination of five subjects and directed to release the results of 28 subjects.
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को रद्द करने के सरकार और आयोग के फैसले को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पूरी परीक्षा को रद्द करना उचित नहीं है, क्योंकि पेपर लीक का प्रभाव केवल कुछ ही विषयों तक सीमित पाया गया है।

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कोर्ट ने कुल 33 विषयों में से सिर्फ पांच विषयों की परीक्षा को दागी मानते हुए रद्द कर दिया और 28 विषयों के परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने हरविंदर सिंह व अन्य की विशेष अपील पर दिया है। याचियों ने उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से 16 और 17 अप्रैल 2025 को आयोजित की गई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को पूरी तरह से रद्द किए जाने के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर की थी।
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याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि आयोग ने स्वतंत्र रूप से विचार किए बिना केवल पुलिस प्रशासन के निर्देशों पर परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम, 2023 के तहत राज्य सरकार के पास आयोग को परीक्षा रद्द करने के लिए निर्देशित करने की शक्ति नहीं है। इसके साथ ही अन्य दलीलें भी दीं।

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वहीं, आयोग की ओर से अपर महाधिवक्ता ने दलील दी कि पेपर लीक में आयोग का ही एक संविदा कर्मचारी मुख्य रूप से शामिल था, जिसने कई अभ्यर्थियों से फोन पर बातचीत की थी। परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित थी, इसलिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि पेपर लीक का विस्तार कितना व्यापक था।

कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि 18 अप्रैल 2026 को होने वाली पुन: परीक्षा केवल उन पांच विषयों (उर्दू, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र और प्राणी विज्ञान) के लिए मान्य मानी जाएगी, जिनमें गड़बड़ी मिली है। शेष 28 विषयों (जैसे अंग्रेजी, गणित, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र आदि) के लिए 16-17 अप्रैल 2025 को हुई मूल परीक्षा को ही वैध माना जाएगा। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया है कि वह इन 28 विषयों की ओएमआर शीट का मूल्यांकन कर परिणाम घोषित करे और फिर सभी विषयों के सफल अभ्यर्थियों को एक साथ साक्षात्कार के लिए बुलाए।

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