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यूपी: पान मसाला खाने पर रोकी थी कर्मचारी की वेतन वृद्धि, अब हाईकोर्ट ने रद्द किया आदेश
भाषा, प्रयागराज
Updated Mon, 19 Nov 2018 07:39 PM IST
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फाइल फोटो
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने महोबा जिला प्रशासन के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसके जरिए एक कर्मचारी की दो वार्षिक वेतन वृद्धि इसलिए रोक दी गई थी क्योंकि उसे कार्यालय परिसर में तंबाकू/पान मसाला खाते हुए पाया गया था। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने मिथिलेश कुमार तिवारी की रिट याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया।
अदालत ने कहा कि स्थायी रूप से दो वेतन वृद्धि रोकना एक बड़ा दंड है, इसलिए याचिकाकर्ता को इस दंड से पहले कारण बताने का एक अवसर दिया जाना आवश्यक था। लेकिन मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता को महज यह कहकर कि उसके पास अत्यधिक मात्रा में तंबाकू/पान मसाला पाया गया, यह दंड दिया गया।
अदालत ने कहा कि प्रतिवादी की ओर से नियमों का पालन करना अनिवार्य है, लेकिन मौजूदा मामले में न तो याचिकाकर्ता को कोई आरोप पत्र दिया गया और न ही किसी की गवाही ली गई, इसलिए दंड का आदेश रद्द किया जाता है। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अधिकारी कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकते हैं।
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अदालत ने कहा कि स्थायी रूप से दो वेतन वृद्धि रोकना एक बड़ा दंड है, इसलिए याचिकाकर्ता को इस दंड से पहले कारण बताने का एक अवसर दिया जाना आवश्यक था। लेकिन मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता को महज यह कहकर कि उसके पास अत्यधिक मात्रा में तंबाकू/पान मसाला पाया गया, यह दंड दिया गया।
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अदालत ने कहा कि प्रतिवादी की ओर से नियमों का पालन करना अनिवार्य है, लेकिन मौजूदा मामले में न तो याचिकाकर्ता को कोई आरोप पत्र दिया गया और न ही किसी की गवाही ली गई, इसलिए दंड का आदेश रद्द किया जाता है। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि अधिकारी कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकते हैं।
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