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हाईकोर्ट ने पूछा : माघ मेला में किसकी इजाजत से लगे है खतरनाक झूले, क्या है मापदंड

Sun, 04 Feb 2024 11:20 AM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 04 Feb 2024 11:20 AM IST
सार

माघ मेले में लगे झूलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने मेलाधिकारी को नोटिस जारी करके पूछा है कि झूला लगाने के लिए क्या मानक तय किए गए हैं और यह किसके आदेश पर लगाए गए हैं। 

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High Court asked: With whose permission are the dangerous swings installed in Magh Mela, what is the criteria
झूला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में लगाए गए खतरनाक झूलों का स्वत: संज्ञान लेते हुए मेला अधिकारी को पांच फरवरी को कोर्ट में तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि मेले में मानव जीवन के लिए खतरनाक बड़े-बड़े झूले किसकी इजाजत से लगाए जाते हैं। इन्हें लगाने की अनुमति देने से पहले क्या मापदंड अपनाए जाते हैं।

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न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की एकल पीठ ने बरेली के झूला संचालक नसीर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में झूले से हुई मौत के मामले की कोर्ट सुनवाई कर रही है। वादी के भाई शिवकुमार की मौत ब्रेक डांस झूले में लगे नंगे विद्युत तार के चपेट में आने से हुई थी।

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वादी ने झूला संचालक नासिर अली को भाई की मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए गैरइरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने झूला संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिला जज की अदालत से जमानत खारिज होने के बाद नसीर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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मानव जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं

जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रयागराज के माघ मेले में लगे हुए खतरनाक झूलों का संज्ञान ले लिया। कोर्ट ने कहा कि अक्सर मेले के आयोजन में बड़े-बड़े और ब्रेकडांस जैसे झूलों पर लोगों के बेहोश होने और मृत्यु होने तक की खबरें सामने आती हैं।

कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि अगर इस तरह के झूले मानव जीवन के लिए खतरनाक हैं तो इन्हें मेले में लगाने की इजाजत कैसे दे दी जाती है। इसी कड़ी में कोर्ट ने प्रयागराज के माघ मेला अधिकारी को सोमवार को कोर्ट में इस जानकारी के साथ तलब किया है कि यहां मानव जीवन के लिए खतरनाक ऐसे झूलों को लगाने की इजाजत किस मापदंड के आधार पर दी गई है।

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