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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिकरण का गठन लखनऊ में करने के फैसले में कानून की अनदेखी पर जताई नाराजगी
Tue, 19 Jan 2021 12:29 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 19 Jan 2021 12:29 AM IST
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- फोटो : pixabay
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिकरण का गठन लखनऊ में करने और चार क्षेत्रीय पीठों के गठन के फैसले में कानून की अनदेखी करने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार के अपर सालीसिटर जनरल शशिप्रकाश सिंह से जीएसटी काउंसिल की बैठक के एजेंडा सात में उल्लिखित दस्तावेजों के साथ तीन दिन में हलफनामा मांगा है। अदालत ने जानना चाहा है कि धारा 109 में निहित अधिकारों का प्रयोग करते समय काउंसिल ने अपने विवेक का प्रयोग न कर राज्य सरकार के प्रस्ताव पर कैसे निर्णय लिया है ।
कोर्ट ने राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से भी धारा 109 के अंतर्गत अपनी वैधानिक स्थिति स्पष्ट करते हुए पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याचीगण को भी जीएसटी काउंसिल के निर्णय की चुनौती देने के लिए याचिका को संशोधित करने की अनुमति दी है। याचिका की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति डा. वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मेसर्स टार्क फार्मास्यूटिकल्स प्रा. लि सहित अन्य कई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
अपर सालीसिटर जनरल के साथ केन्द्र सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल व कृष्णा अग्रवाल ने जीएसटी काउंसिल द्वारा लखनऊ में राज्य अधिकरण व चार क्षेत्रीय पीठ के गठन पर लिए गए निर्णय की कोर्ट को जानकारी दी और हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने कानून से प्राप्त अधिकारों का प्रयोग न कर राज्य सरकार की संस्तुति पर अधिकरण गठन पर नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि बैठक में निर्णय लेते समय पेश दस्तावेजों को कोर्ट में दाखिल किया जाए। याची अधिवक्ता ने राज्य सरकार की संस्तुति पर अधिकरण की राज्य पीठ गठन के फैसले को चुनौती देने के लिए समय मांगा है। याचिका की सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
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कोर्ट ने राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से भी धारा 109 के अंतर्गत अपनी वैधानिक स्थिति स्पष्ट करते हुए पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याचीगण को भी जीएसटी काउंसिल के निर्णय की चुनौती देने के लिए याचिका को संशोधित करने की अनुमति दी है। याचिका की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति डा. वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मेसर्स टार्क फार्मास्यूटिकल्स प्रा. लि सहित अन्य कई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
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अपर सालीसिटर जनरल के साथ केन्द्र सरकार के अधिवक्ता कृष्ण जी शुक्ल व कृष्णा अग्रवाल ने जीएसटी काउंसिल द्वारा लखनऊ में राज्य अधिकरण व चार क्षेत्रीय पीठ के गठन पर लिए गए निर्णय की कोर्ट को जानकारी दी और हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने कानून से प्राप्त अधिकारों का प्रयोग न कर राज्य सरकार की संस्तुति पर अधिकरण गठन पर नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि बैठक में निर्णय लेते समय पेश दस्तावेजों को कोर्ट में दाखिल किया जाए। याची अधिवक्ता ने राज्य सरकार की संस्तुति पर अधिकरण की राज्य पीठ गठन के फैसले को चुनौती देने के लिए समय मांगा है। याचिका की सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
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