फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court angry: Fine on lover couple who filed petition claiming themselves illiterate and Mature

हाईकोर्ट खफा : खुद को अनपढ़ व बालिग बताकर याचिका दाखिल करने वाले प्रेमी जोड़े पर जुर्माना

Sun, 22 Oct 2023 12:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 22 Oct 2023 12:05 PM IST
सार

पीड़िता ने हलफनामा देते हुए कोर्ट को बताया था कि उसने कभी भी किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं की है, लिहाजा उसकी उम्र की जांच के लिए सीएमओ से मेडिकल जांच कराई जानी चाहिए। मामला वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र का है। घर से गायब होने पर पीड़िता के पिता ने उसके प्रेमी के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी।

विज्ञापन
High Court angry: Fine on lover couple who filed petition claiming themselves illiterate and Mature
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खुद को अनपढ़ और बालिग बता कर याचिका दाखिल करने वाले प्रेमी जोड़े की याचिका खारिज करते हुए पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने पीड़िता के प्रेमी के खिलाफ दर्ज अपहरण की एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए दिया।

विज्ञापन


पीड़िता ने हलफनामा देते हुए कोर्ट को बताया था कि उसने कभी भी किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं की है, लिहाजा उसकी उम्र की जांच के लिए सीएमओ से मेडिकल जांच कराई जानी चाहिए। मामला वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र का है। घर से गायब होने पर पीड़िता के पिता ने उसके प्रेमी के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी।
विज्ञापन


प्रेमी जोड़े ने खुद को बालिग बताते हुए संयुक्त रूप से याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। पीड़िता की उम्र के संबंध में कहा गया कि वह बालिग है, लेकिन उसने किसी स्कूल में कभी पढ़ाई नहीं की इसलिए उसके पास उम्र संबंधी कोई दस्तावेज नहीं हैं। कोर्ट के आदेश पर आयु निर्धारण के लिए पीड़िता की मेडिकल जांच की रिपोर्ट सीएमओ वाराणसी से सीलबंद लिफाफे में तलब की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसी बीच पीड़िता के पिता की ओर से पेश वकील ने जवाबी हलफनामे के साथ पीड़िता के प्राइमरी स्कूल के शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दिए। प्रेमी जोड़े की ओर से झूठा हलफनामा दाखिल करने से खफा कोर्ट ने बाल न्याय अधिनियम की धारा 94 का हवाला देते हुए पीड़िता की आयु निर्धारण की सीएमओ द्वारा प्रेषित सीलबंद रिपोर्ट को खोलने से इन्कार कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि धारा 94 के अंतर्गत आयु निर्धारण के लिए सबसे पहले शैक्षिक प्रमाण पत्रों को वरीयता दी जाएगी। पिता द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र से स्पष्ट है कि पीड़िता नाबालिग है। कोर्ट ने प्रेमी जोड़े की ओर से झूठे हलफनामे पर दाखिल याचिका खारिज करते हुए पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed