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यूपीः हाईकोर्ट का आदेश- पार्कों और खेल के मैदानों से हटाया जाए अतिक्रमण, तीन महीने में मांगी रिपोर्ट
Sat, 24 Oct 2020 01:56 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 24 Oct 2020 01:56 AM IST
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Allahabad High Court
- फोटो : au
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी सार्वजनिक पार्कों और खेल के मैदानों से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट तीन माह में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आदेश पारित करते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि पर्यावरण संरक्षण राज्य का वैधानिक दायित्व है। रोजगार और राजस्व पर लोक स्वास्थ्य, जीवन एवं पर्यावरण को वरीयता दी जानी चाहिए।
राम भजन सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने कहा है कि सभी पार्कों का स्थानीय निकायों की मार्फत ठीक से रखरखाव किया जाए ताकि आम लोग पार्कों का उपयोग कर सकें। कोर्ट ने कहा कि पार्कों में किसी को भी कूड़ा डालने, इकट्ठा करने या अन्य उपयोग में लाने की अनुमति न दी जाए।
कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को सभी पार्कों, खेल मैदानों का सही रखरखाव करने के लिए सक्षम प्राधिकारियों को दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया है। याची का कहना है कि उसके आवास के सामने सेक्टर 11 विजय नगर ,गाजियाबाद में स्थित नगर निगम के पार्क का अतिक्रमण कर लिया गया है। उसका उपयोग वाहन खड़ा करने के लिए किया जा रहा है, जबकि जिलाधिकारी ने कहा कि पार्क के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि निगम या प्राधिकरण पार्क के रखरखाव करने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य है। वे अपने वैधानिक दायित्व से बच नहीं सकते।
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कोर्ट ने कानून एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पार्कों, खेल मैदानों के अतिक्रमण पुलिस से हटवाए जाएं और उनका रखरखाव किया जाए। कोर्ट ने कहा कि पार्क में कूड़ा फेंकना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वाले पर अर्थ दंड और एक माह के जेल की सजा दी जा सकती है।
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राम भजन सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की पीठ ने कहा है कि सभी पार्कों का स्थानीय निकायों की मार्फत ठीक से रखरखाव किया जाए ताकि आम लोग पार्कों का उपयोग कर सकें। कोर्ट ने कहा कि पार्कों में किसी को भी कूड़ा डालने, इकट्ठा करने या अन्य उपयोग में लाने की अनुमति न दी जाए।
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कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को सभी पार्कों, खेल मैदानों का सही रखरखाव करने के लिए सक्षम प्राधिकारियों को दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया है। याची का कहना है कि उसके आवास के सामने सेक्टर 11 विजय नगर ,गाजियाबाद में स्थित नगर निगम के पार्क का अतिक्रमण कर लिया गया है। उसका उपयोग वाहन खड़ा करने के लिए किया जा रहा है, जबकि जिलाधिकारी ने कहा कि पार्क के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि निगम या प्राधिकरण पार्क के रखरखाव करने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य है। वे अपने वैधानिक दायित्व से बच नहीं सकते।
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कोर्ट ने कानून एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पार्कों, खेल मैदानों के अतिक्रमण पुलिस से हटवाए जाएं और उनका रखरखाव किया जाए। कोर्ट ने कहा कि पार्क में कूड़ा फेंकना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वाले पर अर्थ दंड और एक माह के जेल की सजा दी जा सकती है।