{"_id":"64e881c656948ba57a0c6324","slug":"high-court-acquitted-the-person-who-burnt-mother-in-law-and-brother-in-law-the-lower-court-had-sentenced-to-d-2023-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट : सास और साले को जलाकर मारने वाले को किया बरी, निचली अदालत ने सुनाई थी मौत की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट : सास और साले को जलाकर मारने वाले को किया बरी, निचली अदालत ने सुनाई थी मौत की सजा
Fri, 25 Aug 2023 03:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 25 Aug 2023 03:56 PM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने गवाहों की गवाही की सावधानीपूर्वक जांच नहीं की है और अभियोजन पक्ष के मामले को उसके आधार पर स्वीकार कर लिया है। मृत्यु पूर्व बयान को भी तथ्यों में सही ढंग से लागू नहीं किया। इससे आरोपी को संदेह से परे का लाभ मिलता है।
विज्ञापन
Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सास और साले को जलाकर मारने के आरोपी की मौत की सजा को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप को संदेश से परे साबित करने में नाकाम रहा। लिहाजा, याची को सजा से मुक्त किया जाता है और अगर वह किसी केस में वांक्षित नहीं है तो उसे जेल से रिहा किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एसएएच रिजवी की खंडपीठ ने ललितपुर के जुगल की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने गवाहों की गवाही की सावधानीपूर्वक जांच नहीं की है और अभियोजन पक्ष के मामले को उसके आधार पर स्वीकार कर लिया है। मृत्यु पूर्व बयान को भी तथ्यों में सही ढंग से लागू नहीं किया। इससे आरोपी को संदेह से परे का लाभ मिलता है।
विज्ञापन
तथ्य के अनुसार अपीलकर्ता पत्नी और बेटी के बारे में पूछताछ करने के लिए मृत व्यक्तियों के घर गया था। उन्होंने पत्नी और बेटी के बारे में जानकारी नहीं दी तो अपीलकर्ता गाली गलौज शुरू कर दी और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता को दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई। अपीलकर्ता ने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार अपीलकर्ता को बरी कर दिया।
विज्ञापन