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High Court : हाईकोर्ट ने 38 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को किया बरी
Sat, 04 Apr 2026 06:30 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 04 Apr 2026 06:30 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 38 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में दो अभियुक्तों सलाउद्दीन और कमालुद्दीन को बरी कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 38 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में दो अभियुक्तों सलाउद्दीन और कमालुद्दीन को बरी कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने दिया है।
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गाजीपुर के कोतवाली सदर क्षेत्र में वर्ष 1986 में मोइनुद्दीन खान पर कथित तौर पर राइफल और बंदूक से हमला किया गया था। पुलिस ने इस मामले में सलाउद्दीन और कमालुद्दीन सहित तीन अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ट्रायल कोर्ट ने अक्तूबर 1988 को आरोपियों को दोषी करार देते हुए चार साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को अभियुक्तों ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अपील दायर की।
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कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद मेडिकल साक्ष्यों पर भी सवाल उठाए और कहा कि मेडिकल रिपोर्ट पर घायल के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान मौजूद नहीं था, जो इसकी विश्वसनीयता पर संदेह पैदा करता है। एक्सरे प्लेट भी अदालत में पेश नहीं की गई थी। इन सभी परिस्थितियों और विरोधाभासों को देखते हुए कोर्ट ने अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए अपील स्वीकार कर ली और उन्हें बरी कर दिया।
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