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High Court : सॉल्वर बैठाने के आरोपी को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने कहा-धोखाधड़ी से प्रतिभा को नुकसान

Fri, 18 Jul 2025 09:33 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 18 Jul 2025 09:33 AM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी से प्रतिभा और शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचता है। इस टिप्पणी संग कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में सॉल्वर को अपनी जगह बैठाने के आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया।

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High Court accused of employing a solver did not get bail, cheating harms talent
अदालत का आदेश - फोटो : istock

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी से प्रतिभा और शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचता है। इस टिप्पणी संग कोर्ट ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में सॉल्वर को अपनी जगह बैठाने के आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की पीठ ने कानपुर निवासी संदीप कुमार पटेल की जमानत अर्जी खारिज करते हुए दिया।

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कानपुर नगर स्थित हर मिलाप मिशन स्कूल में 15 दिसंबर 2024 को सीटीईटी के दौरान केंद्र के अधिकारियों ने कथित तौर पर पाया कि लोकेंद्र शुक्ला (कथित सॉल्वर) संदीप सिंह पटेल की जगह पर परीक्षा दे रहा है। जांच के बाद दोनों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत व अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया। याची संदीप सिंह पटेल ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की।

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वकील ने दलील दी कि आरोपी 14 से 17 दिसंबर के बीच अस्पताल में भर्ती था। उसके स्थान पर कौन परीक्षा दे रहा है, उसे कुछ भी जानकारी नहीं है। उसका सॉल्वर या उसके सहयोगियों के साथ कोई संबंध नहीं है। जमानत मिलती है तो वह इसका दुरुपयोग नहीं करेगा। शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि परीक्षा से कुछ समय पहले संदीप और सह-आरोपी बृजेंद्र शुक्ला के बीच फोन पर बात हुई थी। बृजेंद्र ने ही संदीप के स्थान पर लोकेंद्र को बैठाया था।

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अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी वास्तव में बृजेंद्र के संपर्क में था। सह-आरोपी लोकेंद्र शुक्ला के कार्य से संदीप मुख्य लाभार्थी है। ऐसे में यह नहीं माना जा सकता है कि याची अपराध में शामिल नहीं है। कोर्ट ने इन तथ्यों के आधार जमानत देने से इन्कार कर दिया।

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