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High Court : फर्जी दूतावास चलाने के मामले में आरोपी को मिली जमानत, गाजियाबाद में दर्ज है मुकदमा

Thu, 16 Apr 2026 02:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Apr 2026 02:54 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के कवि नगर में फर्जी दूतावास चलाने और लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोपी हर्षवर्धन जैन की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने दिया है।

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High Court: Accused granted bail in case of running fake embassy, case registered in Ghaziabad
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के कवि नगर में फर्जी दूतावास चलाने और लोगों से धोखाधड़ी करने के आरोपी हर्षवर्धन जैन की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने दिया है।

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आरोप है कि हर्षवर्धन ने अपने निवास स्थान पर विभिन्न देशों के झंडे और गाड़ियों पर राजनयिक नंबर प्लेट लगाकर फर्जी दूतावास चला रहे थे। पुलिस को छापे के दौरान वहां से कई देशों के पासपोर्ट, आईडी कार्ड, मुहर, विदेशी मुद्रा और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के साथ तस्वीरें बरामद की गई थीं। अभियोजन पक्ष का दावा था कि इन प्रतीकों का उपयोग लोगों को ठगने और खुद को राजनयिक के रूप में पेश करने के लिए किया जा रहा था।
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आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दायर की। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि बरामद पासपोर्ट और नंबर प्लेट केवल स्मृति चिह्न के रूप में थे, जिन्हें छोटे देशों की ओर से जारी किया गया था। इनका उपयोग कभी भी आधिकारिक यात्रा या किसी को गुमराह करने के लिए नहीं किया गया। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि गाड़ियों पर वास्तविक भारतीय रजिस्ट्रेशन नंबर मौजूद थे। उनके नीचे केवल प्रदर्शन के लिए स्मृति प्लेट्स लगाई गई थीं।
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आरोपी के पास से मिली नकदी रिश्तेदारों से उधार ली गई थी। उनकी ओर से संचालित 22 कॉरपोरेट संस्थाएं पूरी तरह वैध हैं। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। कोर्ट ने पाया कि चार्जशीट 16 अक्तूबर 2025 को दाखिल हो चुकी है। याची 23 जुलाई 2025 से जेल में है। इन आधारों पर याची को सशर्त जमानत दे दी। 

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