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हाईकोर्ट : चरस तस्करी में 13 साल की कैद पर्याप्त सजा
Wed, 30 Mar 2022 11:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 30 Mar 2022 11:01 PM IST
सार
दोषियों को अब एक-एक लाख रुपये जुर्माना देना होगौ। जुर्माना नहीं जमा करने पर एक साल की सजा भुगतनी होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस पिकअप में चरस बरामद की गई उसके मालिक को केवल मालिक होने के कारण अधिक सजा देना उचित नहीं है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यात्रा के दौरान एक कुंतल चरस की तस्करी के आरोपियों द्वारा जेल में बिताए 13 साल की कैद को पर्याप्त माना है। इसके साथ ही दोषियाें की 15 व 18 साल की सजा को 13 साल की सजा में परिवर्तित कर दिया है। साथ ही तीन व चार लाख रुपये के जुर्माने की रकम घटा दी।
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दोषियों को अब एक-एक लाख रुपये जुर्माना देना होगौ। जुर्माना नहीं जमा करने पर एक साल की सजा भुगतनी होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस पिकअप में चरस बरामद की गई उसके मालिक को केवल मालिक होने के कारण अधिक सजा देना उचित नहीं है। यह फैसला न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने कानपुर नगर के यशपाल सिंह यादव व संजय कुमार विश्वकर्मा की सजा के खिलाफ अपीलों को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिया है।
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कोर्ट ने अपना फैसला हिंदी भाषा में लिखा है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसलों व मालीमथ समिति व माधव मेनन समिति की सजा की नीति को दाखिल रिपोर्ट पर भी विचार किया गया।
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अभियोजन के मुताबिक पिकअप वैन से 100 किलो चरस बरामद हुई थी। इसमें दोनों आरोपितों पर केस चला। अधीनस्थ कोर्ट ने यशपाल को 15 साल कैदए तीन लाख रुपये जुर्माना व जुर्माना नहीं देने पर दो साल अतिरिक्त कैद तथा संजय को 18 साल की कैदए चार लाख रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर तीन साल अतिरिक्त कैद की सजा सुनाई। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी।