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पीपा पुल निर्माण में जल्दबाजी पड़ी भारी, गंगा में बहा मजदूर
Wed, 15 Dec 2021 12:12 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Dec 2021 12:12 AM IST
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माघ मेला क्षेत्र स्थित पांटून पुल संख्या चार से मजदूर के गंगा में गिर जाने के बाद खोजबीन करती एसडीआरएफ की टीम। अमर उजाला।
- फोटो : prayagraj
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माघ मेला क्षेत्र में निर्माण कार्य में जल्दबाजी एक मजदूर पर भारी पड़ी। मंगलवार को पीपा पुल निर्माण कार्य के दौरान झूंसी निवासी लल्लू निषाद (28) गंगा में डूब गया। चीखपुकार मची तो पुलिस के साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी आ गई। घंटों खोजबीन चलती रही लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस का कहना है कि बुधवार सुबह फिर से तलाशी अभियान चलाया जाएगा। उधर, घटना से आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। बाद में किसी तरह उन्हें शांत कराया गया।
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माघ मेला क्षेत्र स्थित पांटून पुल संख्या चार से मजदूर के गंगा में गिर जाने के बाद मौके पर जुटी भीड़। अमर उजाला।
- फोटो : prayagraj
मेला क्षेत्र में इन दिनों निर्माण कार्य जोरों पर है। इसी के तहत पीपा पुल का निर्माण भी चल रहा है। दशाश्वमेध घाट के पास पीपा पुल निर्माण के कार्य में लल्लू निषाद भी लगा हुआ था। साथी मजदूरों ने बताया कि काम चल रहा था और पुल निर्माण के लिए बनाए गए अस्थायी रैंप पर लल्लू खड़ा था। इसी दौरान पांव फिसलने से वह नदी में जा गिरा और तेज बहाव की चपेट में आ गया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने शोर मचाया लेकिन देखते ही देखते वह आंखों से ओझल हो गया।
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माघ मेला क्षेत्र स्थित पांटून पुल संख्या चार से मजदूर के गंगा में गिर जाने के बाद बिलखते परिजन। अमर उजाला।
- फोटो : prayagraj
घटना की जानकारी दी गई तो दारागंज पुलिस के साथ ही जल पुलिस व एसडीआरएफ की टीम आ गई। इसके बाद शाम पांच तक तलाशी अभियान चलता रहा लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इंस्पेक्टर दारागंज धर्मेंद्र दुबे का कहना है कि एसडीआरएफ व जल पुलिस की दो-दो व प्राइवेट गोताखोरों की एक टीम लगाकर मजदूर की तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। टीमें खोजबीन करते हुए संगम नोज तक गईं लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। बुधवार सुबह एक बार फिर से खोजबीन शुरू की जाएगी।
माघ मेला क्षेत्र स्थित पांटून पुल संख्या चार से मजदूर के गंगा में गिर जाने के बाद मौके पर पूछ-ताछ करती पुलिस। अमर उजाला।
- फोटो : prayagraj
आरोप-बिना सुरक्षा उपकरण कराया जा रहा था काम
घटना की जानकारी मिलने पर मृतक की पत्नी कुंजन व अन्य परिजन भी आ गए। वह ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। उधर, घटना से अन्य मजदूर भी आक्रोशित हो गए और उन्होंने निर्माण कार्य रोक दिया। उनकी मांग थी कि परिवार को आर्थिक मदद दी जाए और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। जानकारी पर मेला प्रशासन से जुड़े अफसर भी आ गए। बाद में किसी तरह आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया गया। लल्लू की दो बेटियां हैं और वह परिवार को अकेला कमाने वाला सदस्य था।
घटना की जानकारी मिलने पर मृतक की पत्नी कुंजन व अन्य परिजन भी आ गए। वह ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। उधर, घटना से अन्य मजदूर भी आक्रोशित हो गए और उन्होंने निर्माण कार्य रोक दिया। उनकी मांग थी कि परिवार को आर्थिक मदद दी जाए और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। जानकारी पर मेला प्रशासन से जुड़े अफसर भी आ गए। बाद में किसी तरह आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया गया। लल्लू की दो बेटियां हैं और वह परिवार को अकेला कमाने वाला सदस्य था।
माघ मेला क्षेत्र स्थित पांटून पुल संख्या चार से मजदूर के गंगा में गिर जाने के बाद बिलखते परिजन। अमर उजाला।
- फोटो : prayagraj
ज्यादातर काम अधूरे, अब जल्दी पूरा करने का दबाव
सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को हुआ हादसा कहीं न कहीं मेला से जुड़े अफसरों की लापरवाही से हुआ। दरअसल मौजूदा समय मेंमेले से संबंधित ज्यादातर काम अधूरे हैं। पहले ध्यान नहीं दिया गया और अब काम समय से पूरा करने के दबाव में आपाधापी चल रही है। यही वजह है कि काम जल्दी पूरा करने के दबाव में सुरक्षा मानकों का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को हुआ हादसा कहीं न कहीं मेला से जुड़े अफसरों की लापरवाही से हुआ। दरअसल मौजूदा समय मेंमेले से संबंधित ज्यादातर काम अधूरे हैं। पहले ध्यान नहीं दिया गया और अब काम समय से पूरा करने के दबाव में आपाधापी चल रही है। यही वजह है कि काम जल्दी पूरा करने के दबाव में सुरक्षा मानकों का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है।