मौसम की मार : तीसरी बार ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को भारी नुकसान, फिर होगा सर्वे
मार्च महीने में भी तीसरी बार बारिश तथा ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति पहुंची है। हजारों किसानों की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में शुक्रवार को बारिश से किसानों की मुसीबत और बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से नुकसान के सर्वे का आदेश दिया गया है।
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मार्च महीने में भी तीसरी बार बारिश तथा ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति पहुंची है। हजारों किसानों की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में शुक्रवार को बारिश से किसानों की मुसीबत और बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से नुकसान के सर्वे का आदेश दिया गया है। एक-दो दिनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
पूर्व में हुई बारिश तथा ओलावृष्टि से 10030 किसानों की 33 फीसदी फसल पहले बर्बाद हो चुकी है। इन्हें करीब साढ़े करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा कोरावं के 10 गांवों में 50 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों के भी 500 से अधिक किसानाें ने पूरी फसल बर्बाद होने का दावा करते हुए राहत की मांग की है।
अभी इन किसानों की चिंता दूर नहीं हो पाई है कि शुक्रवार को फिर से जमकर बारिश हो हुई। कौंधियारा, बारा में तो ओले भी पड़े हैं। इससे फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार का कहना है कि हवा नहीं थी। इसलिए कुछ राहत रही लेकिन ओलावृष्टि से सभी फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदम्बा सिंह का कहना है कि बारिश, ओलावृष्टि तथा इससे फसलों को होने वाले नुकसान की रिपोर्ट तहसीलों से मंगाई गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बारिश, ओलावृष्टि से सरसों के उत्पादन में 11 फीसदी की कमी
प्रयागराजद। मार्च महीने में लगातार बारिश एवं ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल को पहुंचा है। इससे सरसों के कुल उत्पादन में 11 फीसदी से अधिक की कमी आई है। अफसरों का कहना है कि पहली बार ओलावृष्टि एवं बारिश के दौरान सरसों की जो फसल किसी भी रूप में खेत में रही वह पूरी तरह से खराब हो गई।