{"_id":"66fb48e8c828bc58160aef07","slug":"hearing-on-shri-krishna-janmabhoomi-shahi-eidgah-dispute-now-on-16th-allahabad-news-c-358-1-pr11006-117225-2024-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर अब सुनवाई 16 को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर अब सुनवाई 16 को
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद मामले की चल रही सुनवाई सोमवार को भी टल गई। जन्मभूमि पक्ष के कुछ पक्षकारों ने मुस्लिम पक्ष की रिकॉल अर्जी जवाब दाखिल किया है, लेकिन कुछ का बाकी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 16 अक्तूबर तक स्थगित करतेे हुए पक्षकारों को ई-मेल के जरिये जवाब दाखिल करने की अनुमति दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की अदालत ने दिया है। शाही ईदगाह के पक्षकार चाहते हैं कि सभी 18 सिविल वादों को अलग-अलग सुना जाए। जबकि, कोर्ट सभी सिविल वादों की एक साथ सुनवाई करने का फैसला दे चुका है। इस आदेश के खिलाफ शाही ईदगाह ने रिकॉल अर्जी दाखिल की है। मंदिर पक्ष के सभी पक्षकारों का जवाब न दाखिल होने की वजह से बार-बार सुनवाई टल रही है। इससे भी पहले 25 सितंबर को कोर्ट ने रिकॉल प्रार्थना पत्र पर मंदिर पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का समय दिया था।
मस्जिद पक्ष ने याचिकाओं को एक साथ सुने जाने के फैसले को चुनौती दी है। सिविल वाद सुनवाई योग्य हैं, यह आदेश होने के बाद वाद बिंदु तय होना था, लेकिन मस्जिद पक्ष ने रिकॉल अर्जी दे दी थी। वाद संख्या तीन में कोर्ट को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वकील ने शीघ्र ही हलफनामा दाखिल करने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने इस वाद में आगरा स्थित जामा मस्जिद के एएसआई सर्वे का आदेश दिए जाने की मांग की है। उनका दावा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विग्रह जामा मस्जिद की सीढ़ियों में लगाए गए हैं।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की अदालत ने दिया है। शाही ईदगाह के पक्षकार चाहते हैं कि सभी 18 सिविल वादों को अलग-अलग सुना जाए। जबकि, कोर्ट सभी सिविल वादों की एक साथ सुनवाई करने का फैसला दे चुका है। इस आदेश के खिलाफ शाही ईदगाह ने रिकॉल अर्जी दाखिल की है। मंदिर पक्ष के सभी पक्षकारों का जवाब न दाखिल होने की वजह से बार-बार सुनवाई टल रही है। इससे भी पहले 25 सितंबर को कोर्ट ने रिकॉल प्रार्थना पत्र पर मंदिर पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का समय दिया था।
विज्ञापन
मस्जिद पक्ष ने याचिकाओं को एक साथ सुने जाने के फैसले को चुनौती दी है। सिविल वाद सुनवाई योग्य हैं, यह आदेश होने के बाद वाद बिंदु तय होना था, लेकिन मस्जिद पक्ष ने रिकॉल अर्जी दे दी थी। वाद संख्या तीन में कोर्ट को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वकील ने शीघ्र ही हलफनामा दाखिल करने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने इस वाद में आगरा स्थित जामा मस्जिद के एएसआई सर्वे का आदेश दिए जाने की मांग की है। उनका दावा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विग्रह जामा मस्जिद की सीढ़ियों में लगाए गए हैं।