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कुंभ 2019: स्वघोषित शंकराचार्यों को सरकारी सुविधाएं देने के खिलाफ याचिका, 15 को होगी सुनवाई
Thu, 14 Feb 2019 12:38 AM IST
shubham
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: shubham
Updated Thu, 14 Feb 2019 12:38 AM IST
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Allahabad High Court
- फोटो : PTI
कुंभ मेले (Kumbh Mela) में आने वाले स्वयं भू और फर्जी शंकराचार्यों पर कार्रवाई करने, उनको मिलीं सरकारी सुविधाएं वापस लेने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट याचिका पर 15 फरवरी को सुनवाई करेगी। संत रविदास नगर के राजेंद्र प्रसाद मिश्र की याचिका न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ के समक्ष बुधवार को प्रस्तुत की गई। न्यायमूर्ति बघेल ने खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग करते हुए याचिका दूसरी पीठ को नामित करने केलिए मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया है।
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याचिका में कहा गया है कि ज्योतिष्पीठ बद्रिकाश्रम शंकराचार्य विवाद में हाईकोर्ट ने 22 सितंबर 2017 को फैसला दिया था। इसमें फर्जी शंकराचार्यों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने माना है कि आदि शंकराचार्य ने चार पीठें ही गठित की हैं। इसके अलावा शंकराचार्य की कोई और पीठ नहीं है। इन चार पीठों के अलावा अलग से बने स्वयंभू शंकराचार्यों पर कार्रवाई का निर्देश दिया था। याचिका में मांग की गई है कि हाईकोर्ट के इस आदेश का पालन किया जाए।
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उल्लेखनीय है कि बद्रिकाश्रम पीठ के विवाद में हाईकोर्ट ने स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के दोनों को शंकराचार्य के पद के योग्य नहीं माना था। कोर्ट ने काशी विद्वत परिषद और भारत धर्म संघ को नए शंकराचार्य की नियुक्ति की आदेश दिया था।
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