{"_id":"6625507bffd4d4501307a4af","slug":"hearing-of-shri-krishna-janmabhoomi-case-will-be-held-on-april-22-2024-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई आज, वाद की पोषणीयता पर दोनों पक्ष रख रहे दलीलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई आज, वाद की पोषणीयता पर दोनों पक्ष रख रहे दलीलें
Mon, 22 Apr 2024 01:38 AM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: आकाश दुबे
Updated Mon, 22 Apr 2024 01:38 AM IST
सार
वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन पक्ष रख रहे हैं। वहीं, इससे पूर्व मस्जिद पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील तसनीम अहमदी पक्ष रख चुकी हैं।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह विवाद मामले की सुनवाई 22 अप्रैल को न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन की कोर्ट में होगी। वाद की पोषणीयता पर दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन पक्ष रख रहे हैं। वहीं, इससे पूर्व मस्जिद पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील तसनीम अहमदी पक्ष रख चुकी हैं।
विज्ञापन
क्या है श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद
यह पूरा विवाद 13.37 एकड़ जमीन को लेकर है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मथुरा के कटरा केशव देव इलाके में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। उस जगह पर मंदिर बना था। कई हिंदुओं का दावा है कि मुगल काल में औरंगजेब के शासन में मंदिर के एक हिस्से को तोड़कर उस पर मस्जिद बनाई गई, जिसे ईदगाह मस्जिद के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
हालांकि मुसलमान पक्ष मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात से इनकार करता है। साल 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत जमीन को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। जिसमें एक हिस्से पर मंदिर और दूसरे पर मस्जिद मौजूद है। हालांकि हिंदू पक्ष उस समझौते को अवैध बताकर खारिज कर रहा है और पूरी जमीन पर दावा कर रहा है।
विज्ञापन