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वकीलों की हड़ताल पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, अवध बार की ओर से दाखिल है अवमानना याचिका
Sat, 07 Sep 2019 12:57 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 07 Sep 2019 12:57 AM IST
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सुफ्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
शिक्षा सेवा अधिकरण के मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता पीछे हटने को तैयार नहीं है। वहीं 11 दिनों से चली आ रही हड़ताल पर सुप्रीमकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए 11 सितंबर को सुनवाई के लिए कहा है। दरअसल, अवध बार एसोसिएशन के एक अधिवक्ता की ओर से इस मामले में सुप्रीमकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है।
याचिका में हाईकोर्ट के वकीलों की हड़ताल को सुप्रीमकोर्ट के आदेश के विरुद्ध कहा गया है।
शुक्रवार को जस्टिस अरुण मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने प्रकरण 11 सितंबर को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने आम सभा को इस बात की जानकारी दी और कोर्ट की टिप्पणियों से अवगत कराया।
आम सभा में निर्णय लिया गया कि सोमवार को सुबह नौ बजे फिर से बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार किया गया। वकीलों ने शुक्रवार को भी न्यायिक कार्य नहीं किया। सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय और संचालन महासचिव जे बी सिंह ने किया। अध्यक्ष ने आमसभा को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 11 सितंबर को पुन: सुनवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को हड़ताल खत्म करने को कहा है। यदि हड़ताल खत्म नहीं होती तो जरूरी मुकदमों की सुनवाई की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी। लखनऊ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इलाहाबाद के वकीलों की हड़ताल पर कार्रवाई की मांग की है। शुक्रवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह नौ बजे बार की सभा हुई।
सभा में न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया गया। जिसके चलते न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ। वकीलों ने न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं किया। हालांकि राज्य सरकार के कुछ वकीलों ने परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की किंतु विरोध के चलते वे नाकाम रहे। फोटो आईडी सेंटर बंद रहा। जिसके चलते याचिकाओं का दाखिला भी नहीं हो पा रहा है।
शनिवार को एक्शन कमेटी की बैठक
शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक्शन कमेटी की बैठक बुलाई गई है। जिसमें सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल होने से पैदा हुई स्थिति पर विचार किया जाएगा। सोमवार को अधिकरण के मामले की सुनवाई में हिस्सा लेने वाले वकीलों को कोर्ट में जाने की अनुमति दी गई है। मुख्य न्यायाधीश कक्ष में जनहित याचिका पर बहस होगी। कोर्ट के आदेश के अनुसार बार निर्णय लेगी। हालांकि चीफ
जस्टिस ने हड़ताल खत्म कर बहस करने को कहा है।
सीएटी के वकीलों ने जुलूस निकालकर किया समर्थन
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) के वकीलों ने शुक्रवार को सीएटी से एक बाइक जुलूस निकालकर हाईकोर्ट के वकीलों की हड़ताल को समर्थन दिया है। जुलूस का नेतृत्व सीएटी बार के उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक ने किया। दर्जनों अधिवक्ता सीएटी से निकलकर हाईकोर्ट पहुंचे और वहां बार एसोसिएशन की आम सभा शामिल हुए और अपना समर्थन दिया।
वकीलों ने आंबेडकर मूर्ति के पास नारेबाजी भी की। जुलूस में राकेश दीक्षित, संतोष कुशवाहा, आशुतोष तिवारी, प्रदीप मिश्र, रविकांत शुक्ल, संजय कुशवाहा, रवि शर्मा, शिवकुमार, श्याम जी, आशुतोष दिवाकर, राधेश्याम यादव, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, अजय राय, चंचल राय, रवींद्र सिंह आदि शामिल थे।
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याचिका में हाईकोर्ट के वकीलों की हड़ताल को सुप्रीमकोर्ट के आदेश के विरुद्ध कहा गया है।
शुक्रवार को जस्टिस अरुण मिश्र की अध्यक्षता वाली पीठ में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने प्रकरण 11 सितंबर को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने आम सभा को इस बात की जानकारी दी और कोर्ट की टिप्पणियों से अवगत कराया।
आम सभा में निर्णय लिया गया कि सोमवार को सुबह नौ बजे फिर से बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार किया गया। वकीलों ने शुक्रवार को भी न्यायिक कार्य नहीं किया। सभा की अध्यक्षता राकेश पांडेय और संचालन महासचिव जे बी सिंह ने किया। अध्यक्ष ने आमसभा को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में 11 सितंबर को पुन: सुनवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को हड़ताल खत्म करने को कहा है। यदि हड़ताल खत्म नहीं होती तो जरूरी मुकदमों की सुनवाई की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी। लखनऊ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इलाहाबाद के वकीलों की हड़ताल पर कार्रवाई की मांग की है। शुक्रवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह नौ बजे बार की सभा हुई।
सभा में न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया गया। जिसके चलते न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ। वकीलों ने न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं किया। हालांकि राज्य सरकार के कुछ वकीलों ने परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की किंतु विरोध के चलते वे नाकाम रहे। फोटो आईडी सेंटर बंद रहा। जिसके चलते याचिकाओं का दाखिला भी नहीं हो पा रहा है।
शनिवार को एक्शन कमेटी की बैठक
शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक्शन कमेटी की बैठक बुलाई गई है। जिसमें सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल होने से पैदा हुई स्थिति पर विचार किया जाएगा। सोमवार को अधिकरण के मामले की सुनवाई में हिस्सा लेने वाले वकीलों को कोर्ट में जाने की अनुमति दी गई है। मुख्य न्यायाधीश कक्ष में जनहित याचिका पर बहस होगी। कोर्ट के आदेश के अनुसार बार निर्णय लेगी। हालांकि चीफ
जस्टिस ने हड़ताल खत्म कर बहस करने को कहा है।
सीएटी के वकीलों ने जुलूस निकालकर किया समर्थन
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) के वकीलों ने शुक्रवार को सीएटी से एक बाइक जुलूस निकालकर हाईकोर्ट के वकीलों की हड़ताल को समर्थन दिया है। जुलूस का नेतृत्व सीएटी बार के उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक ने किया। दर्जनों अधिवक्ता सीएटी से निकलकर हाईकोर्ट पहुंचे और वहां बार एसोसिएशन की आम सभा शामिल हुए और अपना समर्थन दिया।
वकीलों ने आंबेडकर मूर्ति के पास नारेबाजी भी की। जुलूस में राकेश दीक्षित, संतोष कुशवाहा, आशुतोष तिवारी, प्रदीप मिश्र, रविकांत शुक्ल, संजय कुशवाहा, रवि शर्मा, शिवकुमार, श्याम जी, आशुतोष दिवाकर, राधेश्याम यादव, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, अजय राय, चंचल राय, रवींद्र सिंह आदि शामिल थे।