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इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से आयकर वसूली मामले में सुनवाई जारी
Mon, 16 Aug 2021 09:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 16 Aug 2021 09:46 PM IST
सार
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से 40 लाख रुपये से अधिक आयकर वसूले जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 24 अगस्त 2021 नियत की है।
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नकदी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से 40 लाख रुपये से अधिक आयकर वसूले जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 24 अगस्त 2021 नियत की है। बार एसोसिएशन की याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति सुधारानी ठाकुर की खंडपीठ सुनवाई कर रहीं हैं।
आयकर विभाग ने वर्ष 2017-18 के लिए पुर्नकर निर्धारण का नोटिस दिया है। साथ ही 40 लाख रुपये का आयकर वसूला भी जा चुका है। इसे दो अलग अलग याचिकाएं दाखिल कर चुनौती दी गई है। बार एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश रंजन व सहयोग कर रहे वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार डा. पवन जायसवाल ने प्रतिवाद कर बताया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन आयकर के दायरे में नहीं है क्योंकि यह संस्था सदस्यों के आपसी हितों के लिए सेवार्थ काम करती है।
कोरोना काल में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मृत्यु हुई है जिनके आश्रितों को बार की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऐसी परिस्थिति में आयकर विभाग द्वारा कर वसूली करना और नोटिस जारी करना गलत है। हाईकोर्ट बार एसो?सिएशन की ओर से अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, रामानुज तिवारी, अमिताभ अग्रवाल और अजीत कुमार आदि वकीलों ने पक्ष रखा। संवाद
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आयकर विभाग ने वर्ष 2017-18 के लिए पुर्नकर निर्धारण का नोटिस दिया है। साथ ही 40 लाख रुपये का आयकर वसूला भी जा चुका है। इसे दो अलग अलग याचिकाएं दाखिल कर चुनौती दी गई है। बार एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश रंजन व सहयोग कर रहे वरिष्ठ कर एवं वित्त सलाहकार डा. पवन जायसवाल ने प्रतिवाद कर बताया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन आयकर के दायरे में नहीं है क्योंकि यह संस्था सदस्यों के आपसी हितों के लिए सेवार्थ काम करती है।
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कोरोना काल में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मृत्यु हुई है जिनके आश्रितों को बार की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऐसी परिस्थिति में आयकर विभाग द्वारा कर वसूली करना और नोटिस जारी करना गलत है। हाईकोर्ट बार एसो?सिएशन की ओर से अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, रामानुज तिवारी, अमिताभ अग्रवाल और अजीत कुमार आदि वकीलों ने पक्ष रखा। संवाद
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