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Prayagraj : दालमंडी की 6 प्राचीन मस्जिदों के संरक्षण की मांग में दायर याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
Thu, 25 Jun 2026 07:22 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 25 Jun 2026 07:22 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी की दालमंडी सड़क पर स्थित छह प्राचीन मस्जिदों के संरक्षण और दुकानदारों एवं किरायेदारों के अधिकारों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी की दालमंडी सड़क पर स्थित छह प्राचीन मस्जिदों के संरक्षण और दुकानदारों एवं किरायेदारों के अधिकारों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर व न्यायमूर्ति अरुन कुमार की खंडपीठ ने सैयद राशिद और पांच अन्य की याचिका पर दिया है।
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याची अधिवक्ता ने दलील दी कि दालमंडी क्षेत्र में स्थित छह मस्जिदें 15 अगस्त 1947 से पूर्व की धार्मिक संरचनाएं हैं। पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 की धारा 4 तथा वक्फ अधिनियम की धारा 51 के दायरे में आती हैं। ऐसे में इन मस्जिदों का अधिग्रहण, क्रय-विक्रय अथवा उनके मूल धार्मिक चरित्र में बदलाव प्रतिबंधित है। ऐसे में चौड़ीकरण परियोजना के नाम पर इन धार्मिक स्थलों के स्वरूप से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
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वहीं, प्रभावित दुकानदारों और किरायेदारों का पक्ष रखते हुए कहा कि अधिग्रहण की स्थिति में प्रभावित लोगों को पहले मुआवजा, पुनर्वास, पुनर्स्थापन तथा वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना आवश्यक है। बिना इन वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा किए किसी को उसकी दुकान या व्यवसायिक स्थल से बेदखल नहीं किया जा सकता। वहीं, राज्य की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने याचिका का विरोध किया। खंडपीठ ने पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है।
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